झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली और प्रश्नपत्र लीक की जांच में CID ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के चार गांवों में रहने वाले चार सफल अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले में अब तक करीब 30 ऐसे सफल अभ्यर्थियों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है, जिनकी भूमिका संदेह के घेरे में है।

CID की यह कार्रवाई कांड संख्या 01/25 के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। नोटिस पाने वाले अभ्यर्थी फुफंदी, चपुआडीह, नावाडीह और चकरदाहा गांव के रहने वाले हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन अभ्यर्थियों ने परीक्षा किस तरह पास की और कथित पेपर लीक नेटवर्क से उनका कोई संबंध था या नहीं।
अभय तिवारी के करीबियों की भूमिका की जांच
मामले में कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ रही है। इसी सिलसिले में पलामू और गिरिडीह में कार्रवाई की गई है। अभय तिवारी का ससुराल गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित हथबोर गांव में बताया गया है। CID उसके ससुर और सहायक अध्यापक विकास पांडेय से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
वहीं, अभ्यर्थियों से कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे वसूलने के मामले में आरोपी और अभय तिवारी के साले सौरभ पांडेय की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने उसकी तलाश में घर पर इश्तेहार चिपकाया है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और कथित लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही हैं।
प्रश्नपत्र हासिल कर नौकरी पाने का आरोप, समीर पहले ही गिरफ्तार
जांच के दौरान बेंगाबाद बस्ती निवासी समीर उर्फ शालू का नाम भी सामने आया है। CID उसे पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोप है कि उसने अनुचित तरीके से JSSC का प्रश्नपत्र हासिल किया और इसके आधार पर सचिवालय सहायक के पद पर नौकरी प्राप्त की।
अब CID कथित पेपर लीक नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ, उसे किन लोगों तक पहुंचाया गया और इसके बदले पैसे के लेन-देन में कौन-कौन शामिल था। जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई से इस मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नोट: चार अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी होना अपने आप में उनकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।x






