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निखार सबलोक हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को एक ऐसे नेटवर्क की जानकारी मिली है, जो कथित तौर पर पैसे लेकर लोगों की मोबाइल लोकेशन उपलब्ध कराता था। इस मामले में चांडिल थाना पुलिस ने कोलकाता से ट्रैफिक सार्जेंट अयान गुप्ता और सुरक्षा गार्ड ट्विंकल दास उर्फ मीमी दास को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि वे मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस कर उसे हत्या की साजिश से जुड़े लोगों तक पहुंचाते थे। दोनों की गिरफ्तारी 10 सितंबर को हुई थी। अदालत में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हर लोकेशन के बदले मिलते थे हजारों रुपये
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि अयान गुप्ता और ट्विंकल दास कथित तौर पर सोनारी के खूंटाडीह निवासी अशोक सिंह राघव को मोबाइल लोकेशन मुहैया कराते थे। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि निखार सबलोक के अलावा मानगो के गणेश सिंह और बागबेड़ा के मोनू सिंह की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही थी।

पुलिस के मुताबिक, किसी व्यक्ति की लोकेशन ट्रेस कर उसे संबंधित लोगों तक पहुंचाने के एवज में करीब 5 से 7 हजार रुपये तक दिए जाते थे। इससे संकेत मिल रहा है कि हत्याकांड में केवल शूटर और साजिशकर्ताओं की भूमिका ही नहीं, बल्कि तकनीकी स्तर पर भी एक सुनियोजित व्यवस्था काम कर रही थी।
हत्या से करीब एक महीने पहले शुरू हो गई थी निगरानी
जांच में मोबाइल लोकेशन से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद पुलिस को हत्याकांड की तैयारी की टाइमलाइन समझने में मदद मिली है। रिकॉर्ड के अनुसार, 24 जुलाई से 23 अगस्त के बीच निखार सबलोक की लोकेशन कई बार हासिल की गई। यानी 24 अगस्त को हुई हत्या से पहले ही उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
हत्या वाले दिन भी निखार के मोबाइल की लोकेशन दोपहर के समय चार बार ट्रेस किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस का अनुमान है कि उनकी सटीक लोकेशन मिलने के बाद हमलावर चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित टेंथ माइल स्टोन होटल के आसपास पहुंचा। इसी इलाके में निखार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मोबाइल की जांच से सामने आया लोकेशन ट्रेसिंग का राज
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। डिवाइस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने के दौरान पुलिस को मोबाइल लोकेशन से जुड़ी गतिविधियों के सुराग मिले। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि लोकेशन निकालने के लिए निर्देश कौन देता था, इसके बदले भुगतान किस माध्यम से होता था और हासिल की गई जानकारी आखिर किन-किन लोगों को भेजी जाती थी।
पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और हत्याकांड में उनकी संभावित भूमिका के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
छह आरोपी पहले से गिरफ्तार, शूटर की तलाश जारी
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस पहले ही अशोक सिंह राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस, अंकित सिंह और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक की कार्रवाई से पुलिस को हत्या की साजिश, निगरानी और लोकेशन उपलब्ध कराने की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिली है।
हालांकि, इस मामले का मुख्य शूटर सागर सिंह अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। माना जा रहा है कि सागर की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की पूरी साजिश और इसमें शामिल नेटवर्क की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।