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झारखंड हाईकोर्ट की युवा अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। मृतका के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल कर मामले की स्वतंत्र जांच कराने और मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। इस याचिका को सोमवार को सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के समक्ष मेंशन किए जाने की तैयारी है।
परिजनों की ओर से हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार के साथ अधिवक्ता विकास कुमार और अंशु कुमारी पक्ष रखेंगे। याचिका के जरिए मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।
हजारीबाग के फ्लैट में मिला था शव
अनुष्का चक्रवर्ती का शव हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित बंगाली कॉलोनी के गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट से बरामद किया गया था। अनुष्का ने स्थानीय व्यवसायी कुशाग्र रुद्र से करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। दोनों इसी फ्लैट में रह रहे थे।
घटना के बाद मृतका के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने उनके पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और घटना की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
प्रताड़ना का आरोप, सुसाइड नोट नहीं मिलने का दावा
परिजनों का आरोप है कि अनुष्का को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और उनकी मौत को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। याचिका में दावा किया गया है कि शुरुआती जांच के दौरान घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। फ्लैट का दरवाजा कोड लॉक से बंद होने की बात भी याचिका में उठाई गई है।
परिजनों ने यह भी कहा है कि घटना के बाद से अनुष्का के पति से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इन परिस्थितियों के आधार पर उन्होंने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। ये सभी आरोप फिलहाल जांच का विषय हैं।
पुलिस जांच पर टिकी नजरें
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिवक्ता की संदिग्ध मौत को लेकर कानूनी समुदाय में भी चिंता है। अब मामले में हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर नजरें टिकी हैं। याचिका पर अदालत का रुख और जांच से जुड़े आगे के कदम मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।





