Thursday, October 8, 2026
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अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला! महिला पुलिसकर्मियों से भी धक्का-मुक्की

by उर्वशी शेखर
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रांची के सैटेलाइट चौक के समीप बुधवार को HEC की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब बस्ती में रहने वाले लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गयी। आरोप है कि भीड़ की ओर से पुलिस पर पत्थर फेंके गए और महिला जवानों के साथ धक्का-मुक्की की गयी।

स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ कुछ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की सूचना है। पुलिस ने मौके से आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।

JCB के सामने बैठकर शुरू हुआ विरोध

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सुबह से ही इलाके में पुलिस की तैनाती कर दी गयी थी। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लोगों से बातचीत कर कार्रवाई में सहयोग करने की अपील कर रही थी। हालांकि, कुछ लोग JCB मशीनों के सामने बैठ गए और कार्रवाई रोकने की कोशिश करने लगे।

विरोध बढ़ने पर कुछ प्रदर्शनकारी JCB मशीनों पर भी चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें वहां से नीचे उतारा। इसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया और कुछ ही देर में भीड़ की ओर से पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया गया।

पथराव के दौरान कई महिला पुलिसकर्मियों के गिरने की बात सामने आई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। कार्रवाई के बाद इलाके में कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

पुलिस का दावा : कार्रवाई करने गई टीम पर हुआ हमला

हटिया डीएसपी नीरज के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम और पुलिस बल पर भीड़ की ओर से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि पथराव में कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।

डीएसपी के अनुसार, घटनास्थल से आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

बस्तीवासियों ने उठाया पुनर्वास का मुद्दा

दूसरी ओर, कार्रवाई का विरोध कर रहे बस्तीवासियों का कहना है कि वे कई दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं। उनका दावा है कि कुछ परिवार करीब 60 वर्षों से यहां बसे हुए हैं। अचानक मकान हटाए जाने से उनके सामने आवास का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास या पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बस्ती में छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी रहते हैं और घर टूटने की स्थिति में उनके सामने रहने की समस्या खड़ी हो जाएगी।

बस्तीवासियों ने आरोप लगाया कि पहले उन्हें कार्रवाई नहीं किए जाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में दोबारा JCB मशीनें पहुंचाकर घरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी। इसके बाद लोगों ने मशीनों को घेर लिया और कार्रवाई रोकने की मांग पर अड़ गए।

स्थानीय लोगों ने HEC की जमीन पर वर्षों से बसे परिवारों के लिए स्थायी समाधान और पुनर्वास नीति लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले रहने की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।

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