पश्चिम बंगाल के मालदा जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। चुनाव से ठीक पहले जिला परिषद के 26 निर्वाचित सदस्य झारखंड के पाकुड़ स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं। शुक्रवार को मालदा पुलिस की एक टीम होटल पहुंची, जिसके बाद वहां पुलिस और जिला परिषद सदस्यों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि मालदा पुलिस को सदस्यों के पाकुड़ में ठहरने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिसकर्मी होटल पहुंचे और सदस्यों को अपने साथ ले जाने की कोशिश की। सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वे अपनी मर्जी से पाकुड़ आए हैं और उन्हें जबरन कहीं नहीं ले जाया जा सकता।
इसी मुद्दे पर पुलिस और सदस्यों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर कथित तौर पर धक्का-मुक्की भी हुई। विवाद की सूचना मिलने के बाद पाकुड़ पुलिस होटल पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर हालात को संभाला।
घटना के बाद होटल परिसर के बाहर भी कुछ समय तक तनाव का माहौल रहा। बंगाल पुलिस के होटल पहुंचने को लेकर जिला परिषद सदस्यों और वहां मौजूद उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई।

जिला परिषद सदस्य सागरिका सरकार ने आरोप लगाया कि 6 अक्टूबर को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होना है और उससे पहले सदस्यों पर पुलिस के जरिए दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने होटल में मौजूद महिला सदस्यों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया।
हालांकि, इन आरोपों पर मालदा पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस किस आधार पर होटल पहुंची थी और सदस्यों को अपने साथ ले जाने की कोशिश क्यों की गई, इसका स्पष्ट कारण आधिकारिक बयान के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल, जिला परिषद चुनाव से पहले मालदा के 26 सदस्यों का पाकुड़ में एक साथ ठहरना और उसके बाद होटल में पुलिस की मौजूदगी को लेकर पैदा हुआ विवाद राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। आगामी 6 अक्टूबर के चुनाव से पहले घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।