तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में स्थित RIMS अस्पताल के नवजात शिशु वार्ड में देर रात आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना अस्पताल की स्पेशल नियोनेटल केयर यूनिट में हुई, जहां कई नवजातों का इलाज चल रहा था। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि अन्य बच्चों को समय रहते वार्ड से बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात यूनिट में लगे एयर कंडीशनर में धमाका होने के बाद आग और धुआं फैलने की बात सामने आई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
घटना के समय नियोनेटल यूनिट में 27 नवजात भर्ती थे। आग लगने के बाद कुछ ही समय में यूनिट धुएं से भर गई, जिससे वहां मौजूद बच्चों की सांस लेने में परेशानी होने लगी। अचानक हुई इस घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
बताया गया कि अस्पताल के निदेशक जय सिंह उस समय परिसर में राउंड पर थे। घटना की जानकारी मिलते ही वे अस्पताल के कर्मचारियों और एंबुलेंस चालकों के साथ नवजात वार्ड में पहुंचे। धुआं अधिक होने के कारण बच्चों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था।
बचाव अभियान के दौरान खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर पहुंचने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की गई। हालांकि, एक पांच दिन के नवजात की मौत हो चुकी थी। शुरुआती बचाव के बाद गंभीर हालत वाले बच्चों को तत्काल निजी अस्पतालों में भेजा गया।

गंभीर बच्चों में एक और ने तोड़ा दम
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद गंभीर स्थिति में मौजूद बच्चों में से एक और नवजात की मौत हो गई। इस तरह मृतकों की संख्या दो हो गई। बाकी बच्चों को उपचार के लिए सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद आदिलाबाद के जिला कलेक्टर राजर्षि शाह और पुलिस अधीक्षक अखिल महाजन भी अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली और दो बच्चों की मौत की पुष्टि की।
CM रेवंत रेड्डी ने जताया दुख, जांच के निर्देश
घटना पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शोक जताया है। उन्होंने अस्पताल में भर्ती बच्चों को बेहतर और उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद अब अस्पताल में अग्नि सुरक्षा और अन्य आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट