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झारखंड में सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए सरकारी सेवाओं और निवेश संबंधी अनुमतियों की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश जारी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत विभिन्न विभागों में कुल 2,80,702 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2,45,530 आवेदनों को मंजूरी दी गई है। हालांकि, अलग-अलग विभागों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर नजर आता है। कुछ विभागों में स्वीकृति की रफ्तार बेहतर है, जबकि कई जगह बड़ी संख्या में आवेदन अब भी लंबित हैं या अस्वीकृत किए गए हैं।
उद्योग विभाग को मिले 21,960 आवेदनों में से 21,032 को स्वीकृति मिली, जबकि 213 आवेदन खारिज किए गए। वहीं, वाणिज्य कर विभाग में 23,042 आवेदन आए, जिनमें 21,958 मंजूर हुए और केवल 78 अस्वीकृत किए गए।
विद्युत सुरक्षा और निरीक्षण से जुड़े ऊर्जा विभाग में 24,744 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 23,135 को मंजूरी दी गई, जबकि 121 आवेदन अस्वीकृत हुए। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग में भी स्वीकृति का आंकड़ा ऊंचा रहा। यहां 14,093 आवेदनों में से 13,555 मंजूर किए गए और 536 खारिज हुए।
झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (जियाडा) को औद्योगिक भूमि और संबंधित सुविधाओं के लिए 1,681 आवेदन मिले। इनमें 1,291 को स्वीकृति दी गई, जबकि 153 आवेदन अस्वीकृत हुए।
प्रदूषण नियंत्रण और अग्निशमन से जुड़े हजारों आवेदन
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास 45,988 आवेदन पहुंचे। इनमें से 35,562 को मंजूरी मिली और 2,789 आवेदन खारिज किए गए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 7,626 मामले अभी प्रक्रियाधीन हैं।
अग्निशामक निदेशालय में 22,748 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 16,726 को स्वीकृति मिली, जबकि 653 अस्वीकृत किए गए। इसके अलावा 3,105 आवेदन विभाग के स्तर पर और 2,130 निवेशकों के स्तर पर लंबित बताए गए हैं।
श्रम, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग में 13,383 आवेदन आए। इनमें 6,122 मंजूर हुए और 2,377 अस्वीकृत किए गए। विभाग के आंकड़ों में 4,916 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।
बिजली, सड़क और भूमि से जुड़े मामलों की स्थिति
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को बिजली कनेक्शन और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए 13,243 आवेदन मिले। इनमें 10,440 को स्वीकृति दी गई, जबकि 1,870 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।
सड़क निर्माण विभाग में 8,933 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 3,710 मंजूर किए गए और 1,234 अस्वीकृत हुए। वहीं, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के 10,032 आवेदनों में से 127 को मंजूरी मिली और 4,956 खारिज किए गए। इन आंकड़ों के आधार पर भूमि और संपत्ति से जुड़े मामलों में स्वीकृति की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई देती है।
जल संसाधन विभाग को 106 आवेदन मिले, जिनमें 29 मंजूर हुए और 46 अस्वीकृत किए गए। सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग में 11 आवेदन आए, जिनमें 10 प्रक्रियाधीन बताए गए हैं।
नगर विकास और खाद्य विभाग के आंकड़ों में अंतर
नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए 11,75,902 आवेदनों का आंकड़ा दिया गया है। इनमें 24,611 को मंजूरी और 1,910 को अस्वीकृति मिलने का उल्लेख है। हालांकि, यह संख्या राज्य के कुल 2,80,702 आवेदनों से मेल नहीं खाती। इसलिए इस विभाग के आंकड़े की पुष्टि जरूरी है।
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग में 64,372 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। इनमें से 2,700 आवेदनों पर शुरुआती प्रक्रिया और निस्तारण संबंधी कार्रवाई का उल्लेख है। उपलब्ध विवरण में इन आवेदनों की अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अन्य विभागों में भी जारी है प्रक्रिया
रांची नगर निगम में प्राप्त 2,201 आवेदनों में से 1,734 को मंजूरी दी गई है। गृह विभाग को 1,817 आवेदन मिले हैं। पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में 11-11 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी है, जो प्रक्रियाधीन बताए गए हैं।
इसके अलावा झारखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी, स्वास्थ्य विभाग, दामोदर घाटी निगम, जुस्को, स्कूली शिक्षा विभाग और झारखंड फिल्म विकास निगम सहित अन्य संस्थानों में भी आवेदन निपटाने की प्रक्रिया जारी है।
कुल मिलाकर, सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में आवेदनों को मंजूरी मिली है। लेकिन विभागवार आंकड़े यह भी बताते हैं कि सभी क्षेत्रों में काम की गति एक जैसी नहीं है। लंबित मामलों का निस्तारण और आंकड़ों की स्पष्टता इस व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिहाज से अहम होगी।






