जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता 26 अक्टूबर को रांची से पटना जाने के दौरान लापता हो गए। 31 वर्षीय देवपालिक जनशताब्दी एक्सप्रेस से अपने दो सहयोगियों के साथ यात्रा कर रहे थे। मुरी जंक्शन के आसपास उनसे संपर्क टूटने के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला है।

उनके सहकर्मी गौतम कुमार के मुताबिक, यात्रा के दौरान देवपालिक खाना ऑर्डर करने के लिए ट्रेन की पेंट्री कार में गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनका मोबाइल फोन बंद मिलने पर साथियों ने ट्रेन में तलाश शुरू की। टिकट परीक्षक और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की मदद के बावजूद उनका पता नहीं चल सका।
शिकायत दर्ज कराने में हुई देरी
देवपालिक के सहयोगी गुंजन कुमार गोस्वामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बोकारो में रेल मदद के जरिए शिकायत करने की कोशिश की गई, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल ने उन्हें जीआरपी से संपर्क करने को कहा। इसके बाद बोकारो जीआरपी ने मुरी और मुरी में रांची में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
सहकर्मियों के अनुसार, कई जगह संपर्क करने के बाद रात करीब नौ बजे गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज हो सकी। उनका आरोप है कि देवपालिक के लापता होने की सूचना मिलने के बावजूद शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हुई।
देवपालिक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी हैं और उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। उनके लापता होने से सहकर्मी चिंतित हैं। उनकी तलाश और मामले की जांच से संबंधित आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।






