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रोहिणी आचार्य करीब 11 महीने बाद सिंगापुर से पटना वापस लौटीं। गुरुवार को उनके पहुंचने पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती खुद एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। लंबे अंतराल के बाद परिवार से हुई इस मुलाकात का भावुक दृश्य एयरपोर्ट पर देखने को मिला।
पटना एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही रोहिणी ने पिता लालू प्रसाद यादव के पैर छुए। इसके बाद उन्होंने मां राबड़ी देवी से मुलाकात की। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात को लेकर एयरपोर्ट पर काफी चर्चा रही।
‘माता-पिता से मिलने आई हूं’
पटना पहुंचने के बाद रोहिणी आचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपने माता-पिता से मिलने आई हैं। उन्होंने अपनी यात्रा को निजी बताते हुए इसे राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर नहीं देखने की बात कही। तेजस्वी यादव से मतभेद और परिवार के भीतर चल रहे विवाद को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने विस्तार से प्रतिक्रिया नहीं दी।
रोहिणी इससे पहले सोशल मीडिया के जरिए भी अपने पिता के प्रति भावनात्मक जुड़ाव जाहिर कर चुकी हैं। उन्होंने पिता की खुशी और उनके आशीर्वाद को अपने लिए महत्वपूर्ण बताया था।

चुनाव के बाद बनाई थी दूरी
रोहिणी की पटना वापसी ऐसे समय हुई है, जब बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उनके कुछ सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक और पारिवारिक हलकों में चर्चा पैदा की थी। नवंबर 2025 में उन्होंने राजनीति से अलग होने और परिवार से दूरी बनाने की बात कही थी। इसके बाद वह सिंगापुर चली गई थीं।
रोहिणी आचार्य इससे पहले भी सार्वजनिक जीवन में कई वजहों से सुर्खियों में रही हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने लालू प्रसाद यादव को किडनी दान की थी। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सारण सीट से आरजेडी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली।
आगे की भूमिका पर तस्वीर साफ नहीं
फिलहाल रोहिणी ने अपनी पटना यात्रा का केंद्र परिवार के साथ मुलाकात को ही बताया है। उनकी वापसी के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि आने वाले दिनों में उनका राजनीतिक रुख क्या होगा और परिवार से जुड़े पुराने मतभेदों पर उनकी स्थिति क्या रहेगी। हालांकि, इस संबंध में उनकी ओर से अभी कोई नया स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।