राजधानी को स्मार्ट और आधुनिक शहर बनाने की योजनाओं के बीच रांची नगर निगम की वित्तीय स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। निगम की वित्त वर्ष 2025-26 की बैलेंस शीट में एक ओर हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है, तो दूसरी ओर उसका म्युनिसिपल जनरल फंड लगातार घाटे में जा रहा है। 31 मार्च 2026 तक जनरल फंड का नकारात्मक बैलेंस बढ़कर करीब 177.81 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, निगम पर असुरक्षित कर्ज का बोझ भी एक साल में लगभग 14.42 करोड़ रुपये बढ़ गया है।

निगम के वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, उसकी कुल संपत्ति और देनदारियों का आकार करीब 2,685.77 करोड़ रुपये है। हालांकि, बैलेंस शीट के आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय प्रबंधन के मोर्चे पर निगम के सामने कई चुनौतियां हैं। राजस्व और खर्च के बीच असंतुलन के साथ बढ़ती देनदारियां भी इसकी आर्थिक स्थिति पर दबाव बना रही हैं।
एक साल में 18.88 करोड़ रुपये और घाटे में गया जनरल फंड
नगर निगम की वित्तीय स्थिति का सबसे अहम संकेत उसके म्युनिसिपल जनरल फंड से मिलता है। 31 मार्च 2025 को यह फंड करीब 158.93 करोड़ रुपये के नकारात्मक बैलेंस में था। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक घाटा बढ़कर 177.81 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी महज एक साल में इसमें करीब 18.88 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, रिजर्व के मद में निगम के पास करीब 603.96 करोड़ रुपये दर्ज हैं। हालांकि, यह राशि पिछले वित्त वर्ष के 630.31 करोड़ रुपये के मुकाबले कम हुई है। रिजर्व और सरप्लस को मिलाकर कुल रकम भी घटकर 426.15 करोड़ रुपये रह गई है। ये आंकड़े निगम के वित्तीय संसाधनों पर बढ़ते दबाव की ओर इशारा करते हैं।
बढ़ता जा रहा कर्ज, एक साल में 14.42 करोड़ की वृद्धि
रांची नगर निगम की देनदारियों में असुरक्षित ऋण का हिस्सा भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में यह राशि करीब 107.10 करोड़ रुपये थी, जो 2025-26 के अंत तक बढ़कर 121.53 करोड़ रुपये हो गई। इस तरह एक साल के भीतर निगम के असुरक्षित कर्ज में लगभग 14.42 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
इसके अलावा, जनता, ठेकेदारों और विभिन्न मदों से प्राप्त जमा राशि भी बढ़ी है। 31 मार्च 2026 तक डिपॉजिट्स रिसीव्ड के तहत करीब 108.48 करोड़ रुपये दर्ज किए गए हैं। पिछले वित्त वर्ष में यह रकम 93.90 करोड़ रुपये थी। दूसरी तरफ, अन्य देनदारियां घटकर 97.32 करोड़ रुपये रह गई हैं, जो पहले 130.92 करोड़ रुपये थीं।
विभिन्न संभावित खर्चों और वित्तीय नुकसान के लिए निगम की ओर से किए गए प्रावधान भी बढ़े हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में इनकी राशि 153.71 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जबकि पिछले साल यह करीब 145.51 करोड़ रुपये थी।
करीब 978 करोड़ की अचल संपत्ति, 498 करोड़ के निर्माण कार्य अधूरे
बैलेंस शीट के मुताबिक, रांची नगर निगम की कुल स्थायी संपत्तियों का मूल्य करीब 977.89 करोड़ रुपये है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा लगभग 991.55 करोड़ रुपये था। निगम का ग्रॉस ब्लॉक 1,220.33 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। इसमें 740.48 करोड़ रुपये का संचित मूल्यह्रास घटाने के बाद नेट ब्लॉक की कीमत करीब 479.85 करोड़ रुपये रह जाती है।
वहीं, कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस के तहत चल रही और पूरी नहीं हुई परियोजनाओं की कुल राशि करीब 498.03 करोड़ रुपये है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 511.11 करोड़ रुपये था। इससे स्पष्ट है कि निगम की कई पूंजीगत परियोजनाओं में बड़ी रकम लगी हुई है, हालांकि निर्माणाधीन कार्यों की कुल राशि में कुछ कमी आई है।
निवेश घटा, लोन और एडवांस के मद में 1,007 करोड़ से अधिक
निगम के निवेश में भी गिरावट दर्ज की गई है। जनरल फंड के तहत निवेश की राशि वित्त वर्ष 2024-25 में 128.40 करोड़ रुपये थी, जो अब घटकर 104.86 करोड़ रुपये रह गई है।
इसके उलट लोन, एडवांस और डिपॉजिट्स के मद में निगम की राशि 1,007.83 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। पिछले वित्त वर्ष में यह करीब 1,003.63 करोड़ रुपये थी। वहीं, कैश और बैंक खातों में उपलब्ध कुल रकम 526.17 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। यह भी पिछले साल के 535.72 करोड़ रुपये से कम है।
संपत्ति और बैंक बैलेंस के बावजूद वित्तीय प्रबंधन पर सवाल
नगर निगम की बैलेंस शीट एक ओर बड़ी संपत्ति और बैंक बैलेंस की मौजूदगी दिखाती है, तो दूसरी ओर जनरल फंड का लगातार घाटे में जाना, बढ़ता कर्ज और घटता निवेश वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े करता है। ऐसे में राजधानी के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन के बीच निगम के सामने अपने राजस्व, खर्च और देनदारियों के बीच संतुलन कायम करने की चुनौती बनी हुई है।






