Home » झारखंड के 7 जिलों में होमगार्ड कार्यालयों के निर्माण-मरम्मत के लिए 28.33 करोड़ आवंटित

झारखंड के 7 जिलों में होमगार्ड कार्यालयों के निर्माण-मरम्मत के लिए 28.33 करोड़ आवंटित

by उर्वशी शेखर
0 comments

झारखंड में होमगार्ड जवानों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य के सात जिलों में गृह रक्षा वाहिनी के कार्यालयों के निर्माण और मरम्मत के लिए 28.33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि का उपयोग कार्यालय भवनों की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और आवश्यक निर्माण कार्यों पर किया जाएगा।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3
Advertisement 4
Advertisement 5
Advertisement 5
Advertisement 5

इस संबंध में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने होमगार्ड के डीजी को पत्र जारी किया है। विभाग ने राज्य योजना के तहत विभिन्न जिलों में प्रस्तावित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए यह राशि उपलब्ध कराई है।

सात जिलों में विकास कार्यों को मंजूरी

विभागीय जानकारी के मुताबिक, गुमला, दुमका, गोड्डा, बोकारो, रामगढ़, पलामू और पाकुड़ में स्थित झारखंड गृह रक्षा वाहिनी के कार्यालयों में निर्माण और मरम्मत कार्य कराए जाने हैं। इन योजनाओं के लिए कुल सात स्वीकृत्यादेश जारी किए गए हैं। इनके तहत विभिन्न परियोजनाओं पर कुल 31.30 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

प्रशासनिक स्वीकृति के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में फिलहाल 28.33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि से संबंधित जिलों में स्वीकृत योजनाओं के तहत काम कराया जाएगा।

किस जिले को कितनी राशि मिली?

सरकार की ओर से जारी आवंटन के अनुसार, सात जिलों में राशि का वितरण इस प्रकार किया गया है:

जिलाआवंटित राशि
पलामू8.95 करोड़ रुपये
रामगढ़4.37 करोड़ रुपये
दुमका3.42 करोड़ रुपये
गोड्डा3.40 करोड़ रुपये
पाकुड़3.07 करोड़ रुपये
बोकारो2.62 करोड़ रुपये
गुमला2.47 करोड़ रुपये

पलामू को सबसे अधिक आवंटन

जिलावार आवंटन पर नजर डालें तो पलामू को सबसे अधिक 8.95 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके बाद रामगढ़ को 4.37 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, गुमला के लिए 2.47 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो सूची में सबसे कम है।

इस योजना के तहत सातों जिलों में गृह रक्षा वाहिनी के कार्यालयों में निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्य किए जाने हैं। सरकार की ओर से राशि आवंटित किए जाने के बाद अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।

You may also like

Leave a Comment