Table of Contents

झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और अब तक की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम इसमें शामिल न हो।
समीक्षा के दौरान के. रवि कुमार ने हेल्पडेस्क का निरीक्षण कर मतदाताओं को दी जा रही सहायता और जानकारी की व्यवस्था देखी। उन्होंने SIR के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
18 वर्ष पूरे करने वाले युवा मतदाता सूची में कराएं नाम दर्ज
इससे पहले सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित अर्का जैन विश्वविद्यालय में ELC FEST 2026 के जिला स्तरीय ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में के. रवि कुमार ने युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आगे आएं। युवा न केवल स्वयं पंजीकरण के प्रति जागरूक रहें, बल्कि अपने आसपास के अन्य पात्र लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। इससे लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और मतदाता सूची अधिक समावेशी बनेगी।
मतदाता बनने के लिए तीन शर्तें जरूरी
चाईबासा में SIR कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाता बनने की तीन प्रमुख अर्हताएं भी स्पष्ट कीं। इसके अनुसार, संबंधित व्यक्ति को:
- 18 वर्ष की आयु पूरी करनी होगी
- भारत का पात्र नागरिक होना आवश्यक है
- संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए
उन्होंने बताया कि SIR के तहत सुनवाई की प्रक्रिया इन्हीं निर्धारित मानदंडों के आधार पर संचालित की जा रही है।
हेल्पडेस्क और जागरूकता अभियान पर जोर
के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनवाई के दौरान निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पडेस्क को प्रभावी बनाया जाए। इसके साथ ही इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) के कार्यक्रमों और व्यापक प्रचार अभियान के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना और सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए जरूरी है कि जागरूकता, सत्यापन और सुनवाई की पूरी प्रक्रिया जिम्मेदारी के साथ पूरी की जाए।






