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बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, चक्रवात के कारण राज्य में छह लोगों की मौत हो गई है। मंगलवार देर रात और बुधवार तड़के तट से टकराने के बाद कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे बिजली व्यवस्था और कृषि क्षेत्र को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
चक्रवात का असर आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अर्नब अब कमजोर पड़कर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है। हालांकि, इसके प्रभाव से बारिश का दौर जारी है। 28 अक्टूबर की रात 11:30 बजे इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के आसपास तथा दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी तेलंगाना से सटे क्षेत्रों में था।
कोनासीमा में 6 हजार बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त
चक्रवात से आंध्र प्रदेश के बिजली नेटवर्क को व्यापक नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ समीक्षा बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोनासीमा जिले में करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं। उत्तरी आंध्र के जिलों में भी सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं।
कई तटीय इलाकों में बिजली के तार और लाइनें टूटने से गांवों और कस्बों में आपूर्ति बाधित हो गई है। राज्य सरकार क्षतिग्रस्त व्यवस्था को जल्द बहाल करने में जुटी है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर नजर रखने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली बहाली के लिए तेलंगाना से मांगी मदद
नुकसान की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के बिजली मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार ने तेलंगाना सरकार से सहयोग मांगा है। उन्होंने तेलंगाना के विद्युत विभाग के विशेष मुख्य सचिव नवीन मित्तल से फोन पर बात कर अतिरिक्त कर्मचारियों और बिजली उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।
धान और नारियल की फसल को भारी नुकसान
चक्रवात और लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कई इलाकों में हजारों एकड़ में कटाई के लिए तैयार धान की फसल बर्बाद होने की खबर है। वहीं, कोनासीमा जिले में प्रमुख फसल नारियल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
फिलहाल प्रशासन चक्रवात से हुए नुकसान का शुरुआती आकलन कर रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात कमजोर जरूर पड़ गया है, लेकिन इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना के मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट






