Tuesday, October 6, 2026
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सेना के शस्त्रागार से हथि*यार चोरी का खुलासा! पूर्व हवलदार गिरफ्तार; 1,900 से ज्यादा कारतूस बरामद

by उर्वशी शेखर
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तेलंगाना पुलिस ने सिकंदराबाद स्थित सेना के हथियार डिपो से हथियार और कारतूस चोरी होने के हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस सिलसिले में भारतीय सेना के पूर्व हवलदार उप्पुथुल्ला मल्लेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मल्लेश ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से नाराजगी के चलते कथित तौर पर चोरी की योजना बनाई थी।

पुलिस के अनुसार, महबूबनगर क्षेत्र का रहने वाला मल्लेश वर्ष 2010 में सेना में भर्ती हुआ था और करीब 16 वर्ष तक सेवा में रहा। अनुशासन और स्वास्थ्य से संबंधित कारणों के चलते 30 जून 2026 को उसकी सेवा समाप्त हुई। पुलिस का कहना है कि इसके बाद वह अपने कमांडिंग ऑफिसर से नाराज था और इसी रंजिश ने कथित तौर पर उसे वारदात के लिए प्रेरित किया।

हथियार डिपो से चोरी हुआ बड़ा जखीरा

जांच के दौरान पुलिस ने चोरी किए गए हथियारों और गोला-बारूद को बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामान में चार AK-203 असॉल्ट राइफल, एक INSAS कॉम्बैट राइफल, छह 9 एमएम ऑटोमैटिक पिस्टल, एक सिविलियन हैंडगन, 21 वेपन मैगजीन और एक नाइट विजन दूरबीन शामिल है। इसके अलावा 1,900 से अधिक जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, चोरी सिकंदराबाद स्थित 20 मद्रास रेजीमेंट के हथियार डिपो से हुई थी। आरोपी को सैन्य परिसर के अंदर की व्यवस्था और उसकी सुरक्षा प्रणाली की जानकारी थी, जिसका उसने कथित तौर पर फायदा उठाया।

CCTV बंद रहने की जानकारी का उठाया फायदा

डीजीपी सीवी आनंद के अनुसार, कैंप में पहले आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था के तहत रात के समय CCTV की बिजली बंद रखी जाती थी। पुलिस का आरोप है कि मल्लेश ने इसी व्यवस्था का लाभ उठाकर डिपो में प्रवेश किया और हथियार बाहर निकाले।

पुलिस के मुताबिक, हथियारों को परिसर की बाहरी दीवार के ऊपर से बाहर फेंका गया और बाद में उन्हें वहां से ले जाया गया।

गांव में पहले घास के ढेर में छिपाए हथियार

पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि चोरी के बाद मल्लेश हथियारों को अपने पैतृक गांव ले गया था। शुरुआत में उसने हथियारों को घास के ढेर के बीच छिपाकर रखा। बाद में पुलिस के अनुसार, एक महिला मित्र की मदद से इन्हें गांव के ही एक मकान में स्थानांतरित कर दिया गया।

जांच एजेंसियों ने आरोपी की गतिविधियों की पड़ताल के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस ने उसके सामने फोन लोकेशन और CCTV से मिली तस्वीरों समेत अन्य साक्ष्य रखे। इसके बाद पुलिस के मुताबिक, मल्लेश ने पूछताछ के दौरान अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की।

70 से ज्यादा लोगों से पूछताछ के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस

तेलंगाना के डीजीपी सीवी आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हथियारों की चोरी की प्रकृति को देखते हुए जांच टीम को शुरुआत से ही किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका की आशंका थी। उन्होंने कहा कि मामले में 70 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन शुरुआती चरण में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।

इसके बाद जांच का दायरा हाल में सेना से सेवानिवृत्त या सेवा से बाहर हुए लोगों तक बढ़ाया गया। इसी क्रम में पुलिस कथित तौर पर मल्लेश तक पहुंची।

डीजीपी के मुताबिक, तेलंगाना पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियों के समन्वित प्रयास से आरोपी को गिरफ्तार किया गया और चोरी किए गए सभी हथियार बरामद कर लिए गए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हथियार चोरी के मामले में आरोपी के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे उसकी बताई गई रंजिश के अलावा कोई अन्य उद्देश्य था या नहीं।

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