तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में स्कूली बसों में आग लगने की लगातार दो घटनाओं के बाद अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। तेल्लापुर स्थित मंथन इंटरनेशनल स्कूल परिसर में बुधवार को बड़ी संख्या में अभिभावक पहुंचे और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन के सामने सवाल उठाए।
बताया गया कि स्कूल परिसर में खड़ी एक बस में अचानक आग लग गई। इससे पहले मंगलवार को भी एक चलती स्कूली बस आग की चपेट में आ गई थी और पूरी तरह जल गई। लगातार हुई इन घटनाओं ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
मंथन इंटरनेशनल स्कूल में करीब तीन हजार छात्र पढ़ते हैं। इन विद्यार्थियों के आवागमन के लिए स्कूल की दर्जनों बसें हैदराबाद, रंगारेड्डी और संगारेड्डी जिलों के अलग-अलग इलाकों में संचालित होती हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल फीस के अलावा परिवहन के लिए भी उनसे पर्याप्त शुल्क लिया जाता है, इसलिए बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
बस के दस्तावेजों को लेकर भी उठे सवाल
मंगलवार को आग की घटना में नष्ट हुई बस के दस्तावेजों की जांच के दौरान अभिभावकों ने एक और मुद्दा उठाया। उनका दावा है कि बस में एसी लगा हुआ था, जबकि उसके पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) में वाहन को नॉन-एसी बताया गया था। इस अंतर को लेकर भी अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा।

विरोध की जानकारी मिलने पर शिक्षा और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस भी स्कूल पहुंची। एमईओ भास्कर, मोटर वाहन निरीक्षक गौतम और राजू तथा कोल्लूर सर्किल इंस्पेक्टर सैदी रेड्डी ने स्कूल प्रबंधन से बातचीत की।
अधिकारियों ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सभी बसों के फिटनेस टेस्ट की मांग
अभिभावकों ने परिवहन विभाग से स्कूल की सभी बसों की फिटनेस की तत्काल जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को ले जाने वाली प्रत्येक बस सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरी उतरनी चाहिए।
इसके साथ ही एसी बसों के संचालन और वाहन के दस्तावेजों में कथित विसंगतियों की भी जांच कर दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट