Table of Contents

तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (KTR) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस के चुनावी वादों को लेकर जवाबदेही की मांग की और आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद पार्टी अपने वादे पूरे करने में विफल रही है।
हैदराबाद में केटीआर ने राहुल गांधी की राजनीतिक सक्रियता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर छात्रों के मुद्दों पर बात करते हैं, लेकिन तेलंगाना में आकर जनता के सवालों का सामना करने से बच रहे हैं। बीआरएस नेता ने उन्हें राजनीतिक रूप से गैर-जवाबदेह बताते हुए उनके बयानों पर भी आपत्ति जताई।
चुनावी वादों पर कांग्रेस से मांगा जवाब
केटीआर ने 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से किए गए वादों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सत्ता में आने के बाद 100 दिनों के भीतर छह गारंटियों को लागू करने और 13 घोषणाओं को पूरा करने का भरोसा दिया था। इसके अलावा, उन्होंने राहुल गांधी की ओर से किए गए 420 वादों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि एक हजार दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इन वादों पर कितनी प्रगति हुई है।
बीआरएस नेता ने कांग्रेस नेतृत्व से चुनाव के समय जनता को दिए गए आश्वासनों का हिसाब देने की मांग की। उनके मुताबिक, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि घोषित योजनाओं और गारंटियों को जमीन पर उतारने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
रेवंत रेड्डी पर भी लगाए आरोप
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर हमला करते हुए केटीआर ने आरोप लगाया कि वह राहुल गांधी के लिए एटीएम की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और घोटालों को लेकर भी सवाल उठाए। केटीआर का आरोप है कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इन मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है।
बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना
केटीआर ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बीजेपी की राजनीति समाज को बांटने वाली है, जबकि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार राज्य के संसाधनों का कथित तौर पर दुरुपयोग कर रही है।
बीआरएस नेता ने कांग्रेस और बीजेपी की नीतियों की आलोचना करते हुए राज्य सरकार से चुनावी वादों और शासन से जुड़े सवालों पर जवाब देने की मांग की। हालांकि, भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं को लेकर लगाए गए ये आरोप केटीआर के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।





