Table of Contents
तेलंगाना में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 14 सितंबर से शुरू होने वाले 10 दिवसीय गणेश उत्सव के लिए हैदराबाद में जगह-जगह पंडाल सजाए जा रहे हैं। इस बार प्रतिमा विसर्जन के साथ गणेश प्रतिमाओं के भव्य आगमन को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
रामनगर, शिवरमपल्ली, बीएन रेड्डी नगर और वनस्थलीपुरम समेत कई इलाकों में ढोल-ताशों, डीजे और आतिशबाजी के बीच गणपति प्रतिमाओं का स्वागत किया जा रहा है। युवाओं और गणेश उत्सव समितियों ने आगमन समारोह को आकर्षक बनाने के लिए विशेष सजावट और रोशनी की व्यवस्था की है।
खैराताबाद से थीम पंडाल तक खास आकर्षण
हैदराबाद का खैराताबाद गणेश उत्सव इस बार भी प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। यहां करीब 72 फीट ऊंची विशाल गणेश प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। वहीं धूलपेट में मूर्तियों की खरीदारी और अंतिम तैयारियों को लेकर कारीगर व्यस्त हैं।
नागोले के तिरंगा यूथ एसोसिएशन और रामनगर के अमरनाथ मंदिर थीम वाले पंडाल समेत कई स्थानों पर अलग-अलग थीम के साथ सजावट की जा रही है।

मिट्टी की मूर्तियों पर जोर
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस बार मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम की ओर से नागरिकों और पंडाल समितियों को एक लाख से अधिक मिट्टी की मूर्तियां मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य विसर्जन के दौरान हुसैन सागर और अन्य जलाशयों में प्रदूषण को कम करना है।
उत्सव में दिखेगी गंगा-जमुनी तहजीब
गणेश उत्सव की तैयारियों में हैदराबाद की सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर भी नजर आ रही है। पंडालों की सजावट, टेंट और लाइटिंग से लेकर लड्डू और महाप्रसाद की तैयारी तक में हिंदू-मुस्लिम कारीगर मिलकर काम कर रहे हैं।
रात 11:45 बजे तक चलेगी मेट्रो
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हैदराबाद मेट्रो ने रात 11:45 बजे तक सेवाएं जारी रखने की घोषणा की है। वहीं 25 सितंबर को होने वाले मुख्य विसर्जन को लेकर प्रशासन सड़क व्यवस्था, क्रेन, सुरक्षा और अन्य इंतजामों को अंतिम रूप दे रहा है। टैंक बंड पर विशेष कंट्रोल रूम भी तैयार किया जा रहा है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की विशेष रिपोर्ट