Tuesday, October 6, 2026
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हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे दानम नागेंद्र, विधायकी बहाल कराने की मांग

by उर्वशी शेखर
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तेलंगाना के खैराताबाद से विधायक दानम नागेंद्र ने अपनी विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 20 सितंबर 2026 को सामने आई जानकारी के मुताबिक, नागेंद्र ने शनिवार को शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की है और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। मामले को जल्द सुनवाई के लिए सोमवार को उल्लेख किए जाने की संभावना है।

यह मामला दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनकी अयोग्यता से जुड़ा है। तेलंगाना हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को दानम नागेंद्र को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराते हुए खैराताबाद सीट को रिक्त घोषित कर दिया था। अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष जी. प्रसाद कुमार के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज किया गया था।

BRS के टिकट पर जीते, कांग्रेस के टिकट पर लड़ा लोकसभा चुनाव

दानम नागेंद्र 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में बीआरएस के टिकट पर खैराताबाद से विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर सिकंदराबाद सीट से चुनाव लड़ा, जबकि उस समय वह खैराताबाद के विधायक थे। लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन विधानसभा की सदस्यता जारी रही। इसी घटनाक्रम को लेकर उनके खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ने के कारण उनकी अयोग्यता 23 अप्रैल 2024, यानी नामांकन दाखिल करने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। इसके परिणामस्वरूप खैराताबाद विधानसभा सीट रिक्त हो गई है।

बीजेपी और BRS विधायकों ने दी थी हाईकोर्ट में चुनौती

दानम नागेंद्र की सदस्यता को लेकर विवाद में भाजपा विधायक दल के नेता अल्‍लेटी महेश्वर रेड्डी और बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने हाईकोर्ट का रुख किया था। दोनों ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देते हुए दलबदल विरोधी प्रावधानों के तहत नागेंद्र को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।

हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी.एम. मोहिउद्दीन की पीठ ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अध्यक्ष के आदेश को खारिज कर दिया और नागेंद्र की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी। अदालत के आदेश के बाद फैसले की सूचना विधानसभा अध्यक्ष और निर्वाचन आयोग को भेजने का निर्देश भी दिया गया।

अब सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई

हाईकोर्ट के फैसले के बाद नागेंद्र ने अब शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने और विधानसभा सदस्यता से जुड़ी स्थिति बहाल करने की मांग की गई है। वहीं, BRS और BJP ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर रखी है, ताकि नागेंद्र की याचिका पर कोई आदेश पारित होने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।

इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद खैराताबाद विधानसभा सीट रिक्त घोषित हो चुकी है।

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