Tuesday, October 6, 2026
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STF के हत्थे चढ़ा 15 साल से फरार 2.20 करोड़ का इनामी माओवादी असीम मंडल

by उर्वशी शेखर
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पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने लंबे समय से फरार चल रहे माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को पूर्व मेदिनीपुर जिले के पटाशपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन की सेंट्रल कमेटी से जुड़े रहे असीम मंडल पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारियों के मुताबिक, वह करीब 15 वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बाहर था।

पुलिस के अनुसार, STF को उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद तकनीकी निगरानी और लगातार ट्रैकिंग के जरिए उसकी पहचान की पुष्टि की गई। इसके बाद टीम ने पटाशपुर क्षेत्र में कार्रवाई कर उसे हिरासत में लिया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक वह अपने ससुराल पक्ष के इलाके में पहचान छिपाकर रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके संपर्कों, ठिकानों और संगठन में उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

चार दशक से माओवादी गतिविधियों से जुड़ा नाम

पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना क्षेत्र का रहने वाला असीम मंडल 1980 के दशक से वाम उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ा बताया जाता है। बाद में वह पीपुल्स वार ग्रुप में शामिल हुआ और 2004 में भाकपा (माओवादी) के गठन के बाद संगठन में उसकी भूमिका बढ़ी। विभिन्न रिपोर्टों में उसे संगठन के कई उपनामों से पहचाने जाने की बात कही गई है।

2011 में माओवादी नेता किशनजी के मारे जाने के बाद असीम मंडल के पश्चिम बंगाल से झारखंड की ओर जाने और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने की जानकारी सामने आई है। वह पश्चिम बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र के अलावा झारखंड के सारंडा, कोल्हान और पूर्वी सिंहभूम के सीमावर्ती इलाकों में माओवादी नेटवर्क से जुड़ा रहा।

झारखंड में करीब 55 मामलों का जिक्र

पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, असीम मंडल के खिलाफ झारखंड में करीब 55 मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। उस पर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, आईईडी विस्फोट और अन्य हिंसक घटनाओं से जुड़े आरोप रहे हैं। उसके खिलाफ झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था।

चाईबासा और आसपास के जंगलों में 2022 से 2026 के बीच सुरक्षा अभियानों के दौरान कई मुठभेड़ और आईईडी विस्फोट हुए, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान घायल हुए और कुछ की मौत भी हुई। इन घटनाओं में असीम मंडल और उसके संगठन से जुड़े दस्तों की भूमिका की जांच विभिन्न मामलों में की गई है।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ तेज

STF अब असीम मंडल से उसके पुराने संपर्कों, संगठनात्मक नेटवर्क, ठिकानों और पिछले वर्षों की गतिविधियों को लेकर पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी के दौरान मिले सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने गिरफ्तारी की जानकारी साझा करते हुए STF की कार्रवाई की सराहना की है और राज्य में माओवादी गतिविधियों को दोबारा मजबूत होने से रोकने की बात कही है।

असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों का फोकस अब उसके कथित नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य सक्रिय या भूमिगत सदस्यों तक पहुंचने पर है।

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