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आंध्र प्रदेश में निकाय चुनाव पर रोक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद निर्वाचन आयोग का फैसला

by उर्वशी शेखर
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आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल थम गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने 13 नगर निगमों और 87 नगरपालिकाओं व नगर पंचायतों में चुनाव संबंधी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

इससे पहले निर्वाचन आयोग ने 14 अक्टूबर को इन निकायों में चुनाव कराने के लिए अधिसूचना जारी की थी। तय कार्यक्रम के अनुसार, उम्मीदवारों को 16 से 18 अक्टूबर के बीच नामांकन दाखिल करना था। इसके बाद 19 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जानी थी। हालांकि, नामांकन की समय सीमा बढ़ाने को लेकर उठे विवाद के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

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चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद तब बढ़ा, जब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। पार्टी ने हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, जिसमें नामांकन दाखिल करने की अवधि बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की गई थी। नामांकन की निर्धारित समय सीमा 19 अक्टूबर को समाप्त हो चुकी थी।

25 अक्टूबर तक अंतिम सूची जारी नहीं होगी

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को 25 अक्टूबर तक उम्मीदवारों की अंतिम सूची प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दिया है। साथ ही, आयोग को वाईएसआरसीपी और संबंधित उम्मीदवारों की ओर से सौंपे गए अभ्यावेदनों पर विचार करने को कहा गया है।

अदालत ने आयोग को मामले से जुड़े दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच करने का निर्देश दिया है। आयोग को यह तय करना होगा कि जिन शहरी निकायों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों के कारण कुछ उम्मीदवार नामांकन नहीं कर सके, वहां नामांकन दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की जरूरत है या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद निर्वाचन आयोग के फैसले से इन शहरी निकायों में चुनाव की आगे की प्रक्रिया आयोग की समीक्षा और निर्णय पर निर्भर करेगी।

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