झारखंड में सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ भाजपा ने 2029 विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। इसी सिलसिले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर रांची पहुंच रहे हैं। 24 और 25 अक्टूबर को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में संगठन की मजबूती, चुनावी रणनीति और राज्य सरकार को घेरने की योजना पर मंथन होगा।
बैठक से पहले राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह रांची में पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। बूथ से जिला स्तर तक संगठन की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। भाजपा की कोशिश आपसी समन्वय बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और सरकार के खिलाफ जनमुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने की रणनीति तैयार करने की है।
आदिवासी सीटों पर प्रदर्शन
2024 के विधानसभा चुनाव में 81 सीटों में से इंडिया गठबंधन ने 56, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 24 सीटें जीती थीं। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा का प्रदर्शन सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
राज्य की 28 एसटी आरक्षित सीटों में भाजपा को 2019 में दो और 2024 में केवल एक सीट मिली। वहीं, इंडिया गठबंधन ने 2024 में 27 सीटों पर जीत दर्ज की। एससी आरक्षित सीटों पर भी भाजपा की संख्या छह से घटकर तीन रह गई।
आदिवासी और OBC मतदाताओं पर नजर
भाजपा की रणनीति में आदिवासी समुदायों के बीच भरोसा बढ़ाने, जल-जंगल-जमीन और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाने तथा ओबीसी मतदाताओं के बीच पकड़ मजबूत करने पर जोर रहने की संभावना है। शहरी मतदाताओं को एकजुट रखना भी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कार्यसमिति की बैठक में वरिष्ठ नेताओं, युवा चेहरों और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी चर्चा होगी। भाजपा के सामने 2029 से पहले संगठन को मजबूत करने, आदिवासी बहुल सीटों पर जनाधार बढ़ाने और राज्य सरकार के खिलाफ प्रभावी राजनीतिक अभियान खड़ा करने की चुनौती है।





