बांग्लादेश से लड़कियों को अवैध रूप से भारत लाकर कथित तौर पर सेक्स रैकेट में धकेलने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने रांची निवासी माइकल जोसफ तिर्की और उसकी पत्नी मोना तिर्की के नाम पर दर्ज करीब 3.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की है। एजेंसी को संदेह है कि इन संपत्तियों की खरीद में अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल किया गया।
यह मामला जून 2024 में सामने आया था, जब बांग्लादेशी युवती निपाह अख्तर खुशी कथित तौर पर आरोपियों के चंगुल से निकलकर पुलिस के पास पहुंची। उसकी शिकायत पर रांची के बरियातू थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को देखते हुए ED ने 2024 में जांच शुरू की।
नौकरी का झांसा देकर भारत लाने का आरोप
जांच के अनुसार, लड़कियों को भारत में रोजगार दिलाने का भरोसा देकर अवैध रूप से सीमा पार कराई जाती थी। आरोप है कि मनीषा ने झूमा की मदद से 31 मई 2024 की आधी रात जंगल के रास्ते निपाह को भारत लाया। इसके बाद उसे दो दिनों तक बाली रिसॉर्ट में रखा गया और फिर एक अपार्टमेंट में भेज दिया गया। वहां परवीन और झूमा नाम की दो अन्य बांग्लादेशी युवतियां भी मौजूद थीं।
ED की जांच में माइकल जोसफ तिर्की और उसकी पत्नी मोना तिर्की की भूमिका भी सामने आई। एजेंसी के मुताबिक, दंपति कथित तौर पर रांची लाई गई लड़कियों के ठहरने और दूसरी व्यवस्थाओं का इंतजाम करता था। इसके बदले उन्हें रकम मिलती थी। जांच एजेंसी को आशंका है कि इसी अवैध कमाई से अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
बाजार मूल्य पांच करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा
ED ने दंपति से जुड़ी 3.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को जब्त किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य पांच करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। यह कार्रवाई कथित मानव तस्करी और उससे जुड़ी अवैध कमाई की जांच का हिस्सा है।





