झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी निवासी सुनील कुमार को देश की प्रमुख तेल एवं गैस कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) का अगला चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वर्तमान में कंपनी में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत सुनील 7 दिसंबर 2026 या उसके बाद नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति से परिवार के साथ-साथ डुमरी और पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है।
सुनील कुमार ने अपनी शुरुआती पढ़ाई डुमरी के बेसिक स्कूल और केबी हाई स्कूल से की। वर्ष 1984 में वह मैट्रिक परीक्षा में अपने बैच के टॉपर रहे। इसके बाद संत कोलंबस कॉलेज, हजारीबाग से प्रथम श्रेणी में आईएससी पास किया। उन्होंने आईएसएम धनबाद (अब आईआईटी-आईएसएम) से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। साथ ही मार्केटिंग और फाइनेंस में विशेषज्ञता के साथ बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की।
वर्ष 1991 में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के रूप में ONGC से करियर शुरू करने वाले सुनील कुमार ने तीन दशक से अधिक समय तक कंपनी के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया। असम के शिवसागर-नजीरा से शुरू हुआ उनका सफर मुंबई, दिल्ली, हजीरा और काकीनाडा तक पहुंचा। फिलहाल वह मेहसाणा एसेट में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और एसेट मैनेजर हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रस्ताव पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनके चयन को मंजूरी दी है। 21 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार, उनका कार्यकाल तीन वर्ष या अगले आदेश तक रहेगा, इनमें से जो पहले होगा।
बेटे की सफलता पर भावुक हुईं मां
सुनील की मां तुलसी गुप्ता ने बताया कि बेटे के चेयरमैन बनने की खबर सुनकर उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि सुनील बचपन से ही पढ़ाई और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पित रहे हैं। उनके चाचा अशोक कुमार गुप्ता ने इसे परिवार के साथ पूरे गिरिडीह जिले और झारखंड के लिए गर्व की बात बताया।
सुनील के भाई राकेश कुमार गुप्ता इसरी मध्य विद्यालय में विज्ञान शिक्षक सह प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय नंद कुमार गुप्ता ने वर्ष 1961 में गणित में ऑनर्स के साथ बीएससी की पढ़ाई की थी। वह कुछ समय तक डुमरी हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक भी रहे। परिवार के अन्य सदस्य भी अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत हैं। राजेश कुमार गुप्ता ऑस्ट्रेलिया में अडानी ग्रुप के जीएम (फाइनेंस) एवं कंपनी सेक्रेटरी हैं, जबकि सुशील कुमार गुप्ता सिडनी स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में वैज्ञानिक हैं। उनके बहनोई प्रदीप कुमार भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं।
पढ़ाई के साथ क्रिकेट में भी रहे आगे
सुनील के बचपन के मित्र सतीश जायसवाल ने बताया कि वह पढ़ाई में मेधावी होने के साथ क्रिकेट में भी रुचि रखते थे और अच्छे सलामी बल्लेबाज थे। दोनों ने बचपन से मैट्रिक तक साथ पढ़ाई की और क्रिकेट भी खेला। सुनील को पर्यटन, फोटोग्राफी और साहित्य में भी दिलचस्पी रही है।
डुमरी से पढ़ाई शुरू कर देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी के शीर्ष पद तक पहुंचने वाले सुनील कुमार की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।





