Table of Contents
बैंकिंग धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेलंगाना में व्यापक तलाशी अभियान चलाया है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम को 326.49 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच के तहत एजेंसी ने हैदराबाद, सिकंदराबाद और मेडचल-मलकजगिरी स्थित सात ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कनकधारा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (KVPL) और कंपनी के निदेशकों से जुड़े परिसरों में की गई।
फर्जी दस्तावेजों से बैंकों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
ईडी की यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। मामले में आरोप है कि कंपनी ने बैंकिंग सुविधाओं का दुरुपयोग कर बैंकों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने ऋण, बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट के माध्यम से प्राप्त वित्तीय सुविधाओं का कथित तौर पर निर्धारित उद्देश्यों के बजाय दूसरे कामों में इस्तेमाल किया।
जांच में स्टील की खरीद से संबंधित कथित फर्जी चालानों और परिवहन दस्तावेजों का भी पता चला है। आशंका है कि इन दस्तावेजों के जरिए वास्तविक कारोबारी गतिविधियों का भ्रम पैदा किया गया और बैंक से प्राप्त रकम को शेल कंपनियों तथा संबंधित संस्थाओं के माध्यम से दूसरी जगह भेजा गया।

तलाशी में नकदी, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज मिले
ईडी के अनुसार, कंपनी ने बैंक कंसोर्टियम को जानकारी दिए बिना दूसरे बैंकों में खाते भी संचालित किए थे। इन खातों के जरिए कथित तौर पर पैसों के लेन-देन को कई स्तरों पर घुमाया गया, ताकि उनकी वास्तविक उत्पत्ति और इस्तेमाल का पता लगाना मुश्किल हो सके।
सात ठिकानों पर हुई तलाशी के दौरान एजेंसी को वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य संदिग्ध रिकॉर्ड मिले हैं। इसके अलावा, 15 लाख रुपये की अघोषित नकदी भी जब्त की गई है।
संपत्तियों और निवेश की भी जांच
ईडी ने मामले से संबंधित कई अचल संपत्तियों और निवेशों की पहचान की है। अब जांच एजेंसी इन संपत्तियों के स्रोत, बैंक से प्राप्त धन के इस्तेमाल और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
326.49 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग घोटाले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।





