Wednesday, October 7, 2026
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नक्सली से गैंगस्टर तक, झारखंड में पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

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झारखंड में साल 2026 के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने संगठित अपराध तथा नक्सली गतिविधियों के खिलाफ अभियान को और तेज किया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई पुलिस मुठभेड़ों में जहां कुख्यात अपराधियों का सफाया हुआ, वहीं कई बदमाशों को गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। इन कार्रवाइयों के जरिए पुलिस ने आपराधिक गिरोहों और प्रतिबंधित संगठनों पर दबाव बढ़ाया है।

इन अभियानों में जामताड़ा की कार्रवाई सबसे चर्चित रही, जहां 60 से अधिक आपराधिक मामलों में आरोपी गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। इसके अलावा रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग में भी पुलिस और अपराधियों के बीच सशस्त्र टकराव की घटनाएं सामने आईं।

जामताड़ा में मारा गया कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा

अगस्त 2026 में जामताड़ा में हुई मुठभेड़ को झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना गया। हत्या, रंगदारी और ठेकेदारों को धमकाने समेत 60 से अधिक मामलों में आरोपी सुजीत सिन्हा को साहिबगंज जेल से धनबाद सेंट्रल जेल ले जाया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक, जामताड़ा थाना क्षेत्र के दक्षिणी बहाल के पास उसने शौचालय जाने के लिए वाहन रुकवाया। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और भागते हुए पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें सुजीत सिन्हा की मौत हो गई। इस घटना को राज्य में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के लिए पुलिस की सख्त रणनीति के संकेत के तौर पर देखा गया।

रांची में कोढ़ा गैंग के सरगना को लगी गोली

राजधानी रांची में भी पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुख्यात चेन स्नैचिंग गिरोह पर शिकंजा कसा गया। ओरमांझी थाना क्षेत्र के चुट्टू गांव के समीप रांची-रामगढ़ मार्ग पर पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को घेरा था।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में गिरोह के सरगना रंगीला ने पुलिस की पिस्टल लेकर भागने की कोशिश की और फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल रंगीला को पुलिस ने उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सक्रिय स्नैचिंग गिरोहों पर पुलिस का दबाव बढ़ा है।

जमशेदपुर में हथियारबंद बदमाशों से मुठभेड़

जमशेदपुर में भी पुलिस अवैध हथियारों के कारोबार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। अक्टूबर में सूचना के आधार पर संदिग्ध अपराधियों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग किए जाने की बात सामने आई।पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी। दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं। ताजा कार्रवाई को शहर में हथियारों से जुड़े अपराध पर अंकुश लगाने की मुहिम से जोड़कर देखा जा रहा है।

हजारीबाग में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन

हजारीबाग और चतरा के सीमावर्ती जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में भी बड़ी सफलता हासिल की। खपिया जंगल इलाके में CRPF की 209 कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया।ऑपरेशन के दौरान चार नक्सली मारे गए। इनमें 15 लाख रुपये का इनामी नक्सली सहदेव महतो भी शामिल था। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने सहदेव की मौत को नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।

गिद्दी में दो गैंगस्टरों को दबोचा

हजारीबाग जिले के गिद्दी थाना क्षेत्र में भी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। ओल्ड कांटाघर के पास पुलिस ने मोटरसाइकिल से जा रहे संदिग्ध अपराधियों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद बदमाशों ने गोली चला दी।जवाबी फायरिंग में दोनों अपराधियों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के बाद इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

कई मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई

झारखंड में 2026 के दौरान हुई इन कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस ने संगठित अपराध, हथियारबंद गिरोहों और नक्सली नेटवर्क के खिलाफ अभियान को आक्रामक रूप दिया है।

अलग-अलग जिलों में हुई मुठभेड़ों और गिरफ्तारियों ने अपराधियों पर पुलिस का दबाव बढ़ाया है। हालांकि, प्रत्येक मुठभेड़ में कार्रवाई की परिस्थितियों और पुलिस के आत्मरक्षा के दावे का आकलन संबंधित जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

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