Tuesday, October 6, 2026
Home » NSUI की बैठक में आंदोलन की रणनीति तय, राजभवन घेराव को लेकर जुटेंगे छात्र और युवा

NSUI की बैठक में आंदोलन की रणनीति तय, राजभवन घेराव को लेकर जुटेंगे छात्र और युवा

by उर्वशी शेखर
0 comments

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) की झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई। बैठक का मुख्य फोकस केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 और राम मंदिर चंदा प्रकरण के विरोध में प्रस्तावित राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारियों पर रहा।

NSUI ने इन मुद्दों को लेकर 7 सितंबर को राजभवन के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। बैठक में कार्यक्रम को प्रभावी बनाने और प्रदेश के विभिन्न जिलों व कॉलेजों से अधिक से अधिक छात्र-युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर संगठनात्मक स्तर पर चर्चा की गई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि केंद्र की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना जरूरी है। उन्होंने आंदोलन में छात्र और युवा वर्ग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

वहीं, NSUI प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने कहा कि संगठन जनहित से जुड़े सवालों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने दावा किया कि 7 सितंबर के कार्यक्रम में झारखंड के अलग-अलग जिलों और कॉलेजों से बड़ी संख्या में छात्र-युवा रांची पहुंचेंगे।

प्रदेश कांग्रेस महासचिव रियाजुल अंसारी ने भी कार्यकर्ताओं से आंदोलन में व्यापक भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी कार्यक्रम केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ छात्र और युवा वर्ग की एकजुटता को प्रदर्शित करेगा।

ABVP के कार्यकर्ताओं ने NSUI का थामा दामन

बैठक के दौरान संगठन के लिए एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। रांची महानगर जिला अध्यक्ष सतीश केसरी के नेतृत्व में कोडरमा और गिरिडीह से आए दर्जनों ABVP कार्यकर्ताओं ने NSUI की विचारधारा से प्रभावित होकर संगठन में शामिल होने की घोषणा की।

कार्यक्रम में अधिवक्ता कैफ अली, प्रदेश सचिव समी हैदर, निश्चल सोय, पवन नाग, अमन शहजाद, हर्षित चित्रांश, विवेक एक्का, अब्बू राफे, स्वीटी कुमारी, रॉबिन बागे, सादिक इमाम और निपुण पांडे समेत विभिन्न जिलों और कॉलेजों से आए छात्र-युवा प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक के जरिए NSUI ने 7 सितंबर के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर संगठन की तैयारियों को अंतिम रूप देने और अधिक से अधिक छात्र-युवाओं को आंदोलन से जोड़ने पर जोर दिया।

You may also like

Leave a Comment