Wednesday, October 7, 2026
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झारखंड की बेटी कीर्ति ने Asian Games में रचा इतिहास, भारत को पहली बार मिला महिला रिकर्व गोल्ड

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हजारीबाग के SAI STC से निकली तीरंदाज कीर्ति शर्मा ने भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। Asian Games 2026 में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा कीर्ति शर्मा के अलावा अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड़ रहीं।

भारतीय महिला रिकर्व टीम के लिए यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि Asian Games के इतिहास में इस स्पर्धा का यह देश का पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारतीय महिला टीम दो बार कांस्य पदक तक पहुंची थी, लेकिन इस बार टीम ने पहली बार फाइनल में जगह बनाते हुए सीधे गोल्ड पर कब्जा जमाया।

फाइनल में हर सेट के साथ बढ़ा रोमांच

दक्षिण कोरिया के खिलाफ खिताबी मुकाबले में दोनों टीमों के बीच शुरुआत से ही कांटे की टक्कर रही। पहले सेट में दोनों टीमों ने 54-54 अंक जुटाए। दूसरे सेट में भी भारत और दक्षिण कोरिया का स्कोर 56-56 रहा। दो सेट के बाद मुकाबला 2-2 की बराबरी पर था।

तीसरे सेट में भारतीय तीरंदाजों ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने 55 अंक बनाए, जबकि दक्षिण कोरिया 51 अंक ही हासिल कर सका। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने 4-2 की बढ़त बना ली।

चौथे सेट में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा और दोनों टीमों ने 54-54 अंक बनाए। इसी सेट में कीर्ति शर्मा के एक शुरुआती तीर के स्कोर को लेकर समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद उस तीर का स्कोर 8 के बजाय 9 अंक माना गया। सेट बराबर रहने के साथ भारत ने कुल 5-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया और ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया।

सेमीफाइनल में चीन को हराकर पहली बार फाइनल में पहुंचा भारत

फाइनल से पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया था। भारत ने चीन को 5-1 से शिकस्त देकर पहली बार Asian Games की महिला रिकर्व टीम स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया।

इसके बाद खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराकर भारतीय टीम ने न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया के लंबे दबदबे को भी खत्म किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक दक्षिण कोरियाई टीम 1998 से इस स्पर्धा में लगातार स्वर्ण पदक जीतती रही थी।

2022 में हजारीबाग से शुरू हुआ कीर्ति का सफर

कीर्ति शर्मा की इस उपलब्धि की नींव वर्ष 2022 में रखी गई, जब उनका चयन SAI Centre Hazaribagh के लिए हुआ। यहां उन्होंने कोच उधम सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया।

प्रशिक्षण के दौरान उनकी तकनीक को बेहतर बनाने के साथ शरीर के संतुलन, बॉडी अलाइनमेंट, बो-आर्म स्टेबिलिटी और फिटनेस पर भी काम किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के दबाव से निपटने के लिए मानसिक तैयारी, आत्मविश्वास और विजुअलाइजेशन जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया।

लगातार अभ्यास और अनुशासित प्रशिक्षण के जरिए कीर्ति ने अपनी क्षमता को निखारा और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। इसके बाद भारतीय टीम तक पहुंचने का उनका सफर आगे बढ़ता गया।

कोच उधम सिंह की भूमिका भी अहम

कीर्ति की सफलता में SAI STC Hazaribagh के प्रशिक्षण माहौल और कोच उधम सिंह के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी दक्षता के साथ उनकी शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती को विकसित करने पर जोर दिया गया।

अब उसी मेहनत का परिणाम Asian Games के स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया है। कीर्ति की उपलब्धि ने हजारीबाग के प्रशिक्षण केंद्र को भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।

कीर्ति शर्मा की सफलता व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़कर SAI STC Hazaribagh, उनके कोच, परिवार और झारखंड के लिए गौरव का अवसर बन गई है। हजारीबाग से शुरू हुआ उनका सफर अब एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक तक पहुंच चुका है। भारतीय महिला रिकर्व टीम की इस ऐतिहासिक जीत ने देश की तीरंदाजी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

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