झारखंड में टेरर फंडिंग और पुलिस पर हमले से जुड़े मामलों में आरोपी पूर्व माओवादी एरिया कमांडर कृष्णा दा उर्फ कृष्णा मांझी के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अब अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

कृष्णा मांझी के खिलाफ NIA कोर्ट में दो अलग-अलग मामले लंबित हैं। इनमें एक मामला कथित लेवी वसूली और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) से संबंधित है, जबकि दूसरा पुलिस पर हमले के आरोपों से जुड़ा है। दोनों मामलों में न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ रही है।
जनवरी 2023 में जंगल से हुई थी गिरफ्तारी
NIA ने टेरर फंडिंग मामले में कृष्णा हांसदा समेत कई अन्य नामों से पहचाने जाने वाले कृष्णा मांझी के खिलाफ 30 जून 2023 को प्राथमिकी दर्ज की थी। इससे पहले 16 जनवरी 2023 को पुलिस ने उसे गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र स्थित लुसियो जंगल से गिरफ्तार किया था।
जांच के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय कृष्णा अपने साथी अभिजीत कोड़ा के साथ कथित तौर पर लेवी वसूलने पहुंचा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान अभिजीत कोड़ा जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया था। कृष्णा मांझी पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
रामदयाल महतो के निर्देश पर लेवी वसूली का आरोप
पुलिस पूछताछ के दौरान कृष्णा ने कथित तौर पर बताया था कि वह और अभिजीत कोड़ा माओवादी संगठन की स्पेशल एरिया कमेटी के सदस्य रामदयाल महतो के निर्देश पर लेवी वसूलने गए थे। उसने यह भी कहा था कि किस व्यक्ति या संस्थान से रकम वसूलनी थी, इसकी जानकारी रामदयाल महतो को थी।
गिरिडीह के डुमरी थाने में 16 जनवरी 2023 को दर्ज प्राथमिकी को बाद में NIA ने अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की थी। अब इस मामले में अभियोजन पक्ष की गवाही के जरिए आरोपों से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।






