रांची में GAIL की ओर से चल रहे पाइपलाइन और अन्य निर्माण कार्यों के कारण सड़कों पर लोगों को हो रही दिक्कतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर सदर एसडीओ कुमार रजत ने GAIL के अधिकारियों और संबंधित संवेदकों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों के दौरान आम लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क पर किसी परियोजना के लिए खुदाई करने के बाद उसे लंबे समय तक उसी हालत में छोड़ना स्वीकार्य नहीं होगा। संबंधित काम पूरा होते ही खोदे गए हिस्से को भरकर सड़क को समतल और यातायात के अनुकूल बनाना होगा। सड़क की पूर्व स्थिति बहाल करने की जिम्मेदारी संबंधित संवेदक की होगी।
खुदाई के बाद तत्काल बहाली पर जोर
पाइपलाइन बिछाने या दूसरे कार्यों के दौरान बनाए गए गड्ढों को काम समाप्त होते ही भरने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद सड़क की सतह को इस तरह दुरुस्त करना होगा कि वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में परेशानी न हो। प्रशासन ने निर्माण सामग्री और बहाली के काम में गुणवत्ता बनाए रखने को भी अनिवार्य बताया।

बैठक में सड़क निर्माण स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। काम के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी और सुरक्षा संकेत लगाने के साथ वाहनों तथा पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना होगा। प्रशासन ने कहा कि निर्माण गतिविधियों के कारण किसी तरह की दुर्घटना की स्थिति नहीं बननी चाहिए।
NHAI और RCD से तालमेल बनाकर काम करने का निर्देश
GAIL को NHAI और पथ निर्माण विभाग (RCD) के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से काम में अनावश्यक देरी रोकी जा सकती है और सड़क उपयोगकर्ताओं को होने वाली परेशानी भी कम होगी।
सदर एसडीओ ने अधिकारियों और संवेदकों को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने तथा काम की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाएं जरूरी हैं, लेकिन निर्माण के दौरान जनसुविधा, सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं की जा सकती।