मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में 62 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और मानसिक देखभाल, तकनीकी शिक्षा, सरकारी कामकाज में विशेषज्ञों की भागीदारी तथा पुलिस थानों में CCTV व्यवस्था से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

विश्वविद्यालयों में स्वास्थ्य और काउंसलिंग की सुविधा
राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में हेल्थ एंड वेल बीइंग यूनिट स्थापित की जाएंगी। यहां विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सहायता और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श मिल सकेगा। इसके लिए विश्वविद्यालयों को अपने कुल बजट का दो प्रतिशत आवंटित करना होगा। साथ ही, विद्यार्थियों की हेल्थ आईडी बनाई जाएगी और उनके स्वास्थ्य का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
पॉलिटेक्निक छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
राजकीय पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप कराने के लिए झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम का चयन किया गया है। रांची, दुमका और रामगढ़ स्थित टूल रूम के माध्यम से छात्रों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास का अवसर मिलेगा.
विशेषज्ञों की सेवाओं के लिए नई नियमावली
कैबिनेट ने ‘झारखंड विशेषज्ञ समिति के गठन एवं कार्यप्रणाली नियमावली, 2026’ को स्वीकृति दी है। इसके तहत सरकारी विभाग जटिल और तकनीकी मामलों में अध्ययन, शोध और परामर्श के लिए बाहरी विशेषज्ञों की सेवाएं ले सकेंगे.
CCTV और प्रोबेशन सेवा नियमावली को मंजूरी
पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने की योजना के तहत परामर्शदाता कंपनी के लंबित भुगतान के लिए 1 करोड़ 17 लाख 52 हजार 800 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा राज्य प्रोबेशन सेवा नियमावली, 2026 के गठन को भी मंजूरी मिली है।कैबिनेट के इन फैसलों का उद्देश्य शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और सरकारी व्यवस्था को मजबूत करना है।






