राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को रांची के आड्रे हाउस में डॉ. राजश्री जयंती की पुस्तक ‘नरेंद्र मोदी : आधुनिक भारत के शिल्पकार’ का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, कार्यशैली और देश के विकास को लेकर उनकी सोच का उल्लेख करते हुए पुस्तक को समकालीन भारत की विकास यात्रा को समझने का एक प्रयास बताया।

राज्यपाल ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उनके साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की निर्णय लेने की क्षमता, भविष्य की चुनौतियों को लेकर उनकी दृष्टि और देश की प्रगति के प्रति उनके समर्पण को करीब से जाना है। उन्होंने लेखिका को पुस्तक तैयार करने के लिए बधाई भी दी।
गंगवार ने प्रधानमंत्री के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सामान्य परिवार से देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक पहुंचने का उनका सफर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति की अहमियत बताता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नागरिकों को सशक्त बनाना जरूरी है। आत्मनिर्भरता, तकनीकी नवाचार, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा इस दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं.
उन्होंने आधुनिक तकनीक और उद्यमिता को देश की आर्थिक प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं की क्षमता का सही इस्तेमाल नए व्यवसायों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही, भारत को अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखते हुए विज्ञान, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ना होगा। सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत तकनीकों में विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना देश की सामरिक क्षमता बढ़ाने के साथ भविष्य की संभावनाओं को भी विस्तार देता है।
राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक पाठकों को भारत के वर्तमान विकास मॉडल और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर विचार करने का अवसर देगी। उन्होंने कहा कि किसी पुस्तक का महत्व केवल उसमें प्रस्तुत विषयों तक सीमित नहीं होता, बल्कि पाठकों को नए दृष्टिकोण विकसित करने और सार्थक चर्चा के लिए प्रेरित करना भी उसकी उपयोगिता का हिस्सा है।






