झारखंड स्वास्थ्य विभाग में अस्पताल प्रबंधक के पद पर हुई नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद अब चयन प्रक्रिया की जांच होगी। विभाग ने 20 अगस्त 2026 को जारी 126 चयनित एवं अनुशंसित अभ्यर्थियों की सूची की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
समिति की कमान अपर सचिव संदीप कुमार दोरायबु को सौंपी गई है। उप सचिव ध्रुव प्रसाद और प्रशाखा पदाधिकारी माधवी को सदस्य बनाया गया है। समिति चयन से संबंधित दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। उसे 2 सितंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपनी है।
जांच के दायरे में अभ्यर्थियों की आयु, शैक्षणिक योग्यता, संबंधित कार्यानुभव, आरक्षण व्यवस्था और मेरिट जैसे महत्वपूर्ण मानदंड शामिल होंगे। इसके अलावा चयन प्रक्रिया के दौरान लागू नियमों और उपलब्ध रिकॉर्ड का भी मिलान किया जाएगा।
कई चयनित अभ्यर्थियों की पात्रता पर सवाल
अस्पताल प्रबंधक पद के लिए आवेदन करने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं ने चयन सूची में जगह पाने वाले कुछ उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर आपत्तियां दर्ज की हैं।
शिकायत में जितेंद्र कुमार की उम्र को लेकर सवाल उठाया गया है। वहीं मुस्कान भारती, ममता कुमारी, सृष्टि सिंह और रविंद्र कुमार की उम्र के साथ-साथ पीजी डिग्री हासिल करने के बाद निर्धारित कार्यानुभव को लेकर भी अभ्यर्थियों ने संदेह जाहिर किया है।
इसके अलावा निरंजन कुमार के चयन पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वे ओबीसी श्रेणी से संबंधित हैं और आयु सीमा में आरक्षण का लाभ लेने के बावजूद उन्हें अनारक्षित (UR) श्रेणी में स्थान दिया गया। उन्होंने इसी आधार पर चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
चयनित अभ्यर्थियों के अंक सार्वजनिक करने की मांग
शिकायत करने वाले अभ्यर्थियों ने विभाग से चयनित उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, कार्यानुभव और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और पात्रता को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सकेगा।
अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की है कि जांच के दौरान यदि किसी चयनित उम्मीदवार को निर्धारित नियमों और पात्रता मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो उसकी नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए और योग्य उम्मीदवारों को अवसर दिया जाए।
अब तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि 126 अभ्यर्थियों के चयन में निर्धारित नियमों और पात्रता मानकों का पालन हुआ है या नहीं।