Tuesday, October 6, 2026
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CCL की कथारा कोलियरी में धधक रहा कोयले का स्टॉक, प्रबंधन की कार्यशैली पर उठे सवाल

by उर्वशी शेखर
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सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के कथारा क्षेत्र में स्थित कथारा कोलियरी के कोयला भंडार में लगी आग प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्टॉक में रखा कोयला लगातार जल रहा है और उसका कुछ हिस्सा राख में बदलता दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद आग पर काबू पाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखी जा रही है। आग के कारण कोयले के बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

कथारा कोलियरी में कोयले के स्टॉक में लगी आग को लेकर सीसीएल प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयले के भंडारण के दौरान स्वतः आग लगने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रबंधन को पहले से ही इससे निपटने के पर्याप्त इंतजाम रखने चाहिए। आग लगने के बाद भी उसे नियंत्रित करने में हो रही देरी को लेकर लोग चिंता जता रहे हैं।

समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो कोयले की बड़ी मात्रा बर्बाद हो सकती है। इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान होने की भी आशंका है।

एक तरफ कोयला आपूर्ति बढ़ाने की कवायद, दूसरी ओर जल रहा स्टॉक

कथारा कोलियरी की यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब बिजली उत्पादन संयंत्रों तक पर्याप्त कोयला पहुंचाने के लिए कोल इंडिया लगातार प्रयास कर रहा है। पावर प्लांटों में कोयले की कमी को देखते हुए कोल इंडिया के चेयरमैन ने आपूर्ति व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है।

उनके निर्देश पर सीसीएल मुख्यालय के अधिकारी रेलवे साइडिंग सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक कोयले का डिस्पैच सुनिश्चित किया जा सके। दूसरी ओर, कथारा कोलियरी में पहले से भंडारित कोयले का आग की चपेट में आना और उसे बुझाने में कथित देरी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

परियोजना पदाधिकारी बोले- आग पर पा लिया जाएगा काबू

इस मामले में कथारा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी रंजीत कुमार से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि स्टॉक में लगी आग को बुझा लिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने आग पर नियंत्रण पाने के लिए उठाए जा रहे कदमों या इसे पूरी तरह बुझाने की समयसीमा के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि कोयले में आग लगने की जानकारी मिलने के बाद तत्काल प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। कोयले के भंडारण में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए समय पर बचाव के उपाय करना जरूरी है। आग बुझाने में देरी से न केवल बहुमूल्य कोयले की बर्बादी हो सकती है, बल्कि कंपनी को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

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