फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में संकट की घड़ी के दौरान उल्लेखनीय साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उनके लिए ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर घटना हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन मच्छार पर उनके सह-पायलट ने हमला किया, जिससे वह घायल हो गए। इसी दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम होने लगी और यात्रियों के बीच भी तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
चोट लगने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने स्थिति से निपटने में अहम भूमिका निभाई। कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को नियंत्रित करने में मदद की। इसके बाद विमान का रुख सऊदी अरब के तबूक की ओर किया गया, जहां उसकी आपात स्थिति में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

फ्लाइट में कुल 174 यात्री सवार थे और घटना के बावजूद सभी सुरक्षित रहे। इस पूरे घटनाक्रम में कैप्टन मच्छार के संयम और साहस की चर्चा हुई है।
CM भूपेंद्र पटेल ने की बहादुरी की सराहना
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कैप्टन मच्छार की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने संकट का सामना किया और संभावित बड़े हादसे को टालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें गुजरात का बहादुर बेटा बताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कैप्टन मच्छार फिलहाल इलाज और स्वास्थ्य लाभ के दौर से गुजर रहे हैं। गुजरात सरकार की ओर से घोषित सम्मान के जरिए उनकी भूमिका और साहस को औपचारिक तौर पर मान्यता दी जाएगी।