Tuesday, October 6, 2026
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हैदराबाद : किसानों की बिजली-पानी की समस्या को लेकर KTR ने रेवंत सरकार पर साधा निशाना

by उर्वशी शेखर
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भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने तेलंगाना में किसानों को बिजली और सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि जुराला और कलवाकुर्थी सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े क्षेत्रों में किसान पानी की कमी और अनियमित विद्युत आपूर्ति से परेशान हैं।

वानापर्थी जिले में आयोजित किसान रैली में KTR ने पूर्व मंत्रियों सिंगिरेड्डी निरंजन रेड्डी, सबिता इंद्रा रेड्डी और श्रीनिवास गौड़ समेत कई पूर्व विधायकों के साथ हिस्सा लिया। रैली पेब्बेरु सब-स्टेशन से शुरू होकर सुभाष चौरस्ता तक पहुंची।

बिजली कटौती से मोटर खराब होने का दावा

KTR ने कहा कि गुम्माडम और पेब्बेरु क्षेत्र के किसानों ने उनसे बिजली आपूर्ति को लेकर अपनी परेशानियां साझा की हैं। उनके मुताबिक, किसानों को रोजाना पांच से छह घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल रही है, जबकि सरकारी स्तर पर 12 घंटे बिजली देने का दावा किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिन के दौरान कई बार बिजली बाधित होने से सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टार्टर और मोटर खराब हो रहे हैं। BRS नेता ने कहा कि बिजली की अनियमितता का सीधा असर किसानों की खेती पर पड़ रहा है।

जुराला और कलवाकुर्थी में पानी को लेकर सवाल

केटी रामा राव ने जुराला और कलवाकुर्थी परियोजनाओं की जलापूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि जुराला परियोजना के तहत करीब 1.8 टीएमसी पानी छोड़ा गया है, जबकि कलवाकुर्थी लिफ्ट सिंचाई परियोजना के पंप भी अपेक्षित तरीके से संचालित नहीं हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कलवाकुर्थी के जरिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। KTR ने इस स्थिति के लिए राज्य सरकार की नीतियों और सिंचाई प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया।

कृष्णा नदी के पानी को लेकर भी उठाया मुद्दा

BRS नेता ने कृष्णा नदी में उपलब्ध पानी के बंटवारे का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि करीब 248 टीएमसी पानी नदी में पहुंच चुका है। उनका आरोप है कि आंध्र प्रदेश अपने हिस्से का पानी ले रहा है, जबकि तेलंगाना के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

KTR ने कहा कि जुराला का आयाकट क्षेत्र लगभग 1.10 लाख एकड़ में फैला है और BRS किसानों की सिंचाई जरूरतों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसानों के हितों को लेकर सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेगी।

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