बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि कृषि अनुसंधान का उद्देश्य किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान होना चाहिए। ऐसी तकनीक विकसित करने पर जोर दिया जाना चाहिए, जिससे कम जमीन और सीमित संसाधनों में उत्पादन व आय बढ़े, खेती की लागत घटे और मिट्टी-पानी का संरक्षण हो। उन्होंने कहा कि शोध की उपयोगिता का असली आकलन किसान के खेत में उसके परिणाम से होना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश, जल संकट और मिट्टी की गुणवत्ता जैसी चुनौतियां खेती को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, प्रिसीजन फार्मिंग और आधुनिक सिंचाई जैसी तकनीकों को बढ़ावा देना जरूरी है। हालांकि, इनका इस्तेमाल तभी प्रभावी होगा, जब वे किसानों के लिए सुलभ और व्यावहारिक हों।
झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पठारी क्षेत्र होने के कारण बारिश का काफी पानी बह जाता है, जबकि कई इलाकों में सिंचाई सुविधाएं सीमित हैं। इसलिए जल संचयन, वर्षाजल के उपयोग, सिंचाई विस्तार और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल विविधीकरण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्नत फसल किस्मों, बीज-पौध सामग्री, प्रशिक्षण और कृषि प्रसार के जरिए विश्वविद्यालय किसानों के लिए उपयोगी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने शिक्षा के साथ अनुसंधान और नवाचार को और व्यापक बनाने की जरूरत बताई।
गंगवार ने युवाओं को कृषि क्षेत्र में नए अवसर तलाशने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित स्टार्टअप, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी, पशुपालन और मत्स्यपालन में रोजगार और उद्यमिता की पर्याप्त संभावनाएं हैं। युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य में किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र की प्रगति अहम है।
छात्राओं की सक्रिय भागीदारी पर प्रसन्नता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि बेटियां शिक्षा, विज्ञान, शोध और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और नवाचार को खेत तथा समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।
समारोह में राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताई और झारखंड के निर्माण में शिबू सोरेन के योगदान को याद किया।