झारखंड पुलिस में 24 जवानों के तबादले को लेकर विवाद गहरा गया है। झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन ने जैप एडीजी कार्यालय द्वारा जारी तबादला आदेशों पर आपत्ति जताते हुए डीजीपी को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने आदेशों की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने की मांग की है।संगठन का आरोप है कि जैप और आईआरबी की विभिन्न वाहिनियों में तैनात पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर किया गया है। इससे जवानों में असंतोष और भय का माहौल बन रहा है, जिसका असर उनके मनोबल पर पड़ सकता है।

एसोसिएशन ने झारखंड पुलिस मैनुअल के खंड-1 के नियम 1212 का हवाला देते हुए कहा कि गुमनाम शिकायतों पर जांच या कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के मुताबिक, शिकायतकर्ता का नाम, पूरा पता और मोबाइल नंबर दर्ज होना आवश्यक है। गंभीर आरोपों की स्थिति में भी शिकायत की सत्यता की पुष्टि जरूरी है।
तबादला सूची में हवलदार हृदय कुमार सिंह, सुशील कुमार पाण्डेय, अरविन्द कुमार यादव और सतीश कुमार शुक्ला सहित कई पुलिसकर्मी शामिल हैं। जैप-6 जमशेदपुर के जवानों का भी अन्य वाहिनियों में स्थानांतरण किया गया है।
एडीजी कार्यालय ने पुलिसकर्मियों को अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें कार्यालय प्रधान के समक्ष या आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से पहचान संबंधी विवरण के साथ भेजने को कहा है। साथ ही, झूठी शिकायतें करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अब एसोसिएशन ने डीजीपी से हस्तक्षेप कर तबादलों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।






