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अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर बीमारी के इलाज का खर्च कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती हैं। केंद्र की आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत पात्र परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। वहीं, झारखंड में इसके साथ मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के जरिए स्वास्थ्य कवर को बढ़ाकर ₹15 लाख तक किया गया है। लेकिन इस लाभ के लिए पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया जानना जरूरी है।
आयुष्मान कार्ड योजना के लाभार्थी की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है। इसके आधार पर पात्र परिवार देशभर के योजना से जुड़े सरकारी और निजी अस्पतालों में निर्धारित सीमा तक कैशलेस इलाज करा सकते हैं। परिवार में सदस्यों की संख्या या उनकी उम्र के आधार पर सामान्य पात्रता में कोई सीमा नहीं है।
योजना में अस्पताल में भर्ती होने से पहले के तीन दिनों और डिस्चार्ज के बाद के 15 दिनों तक की दवाओं और जांच का खर्च भी शामिल है। पहले से मौजूद बीमारियों को भी शुरुआत से कवर किया जाता है। सर्जरी, गहन चिकित्सा कक्ष (ICU), कैंसर और हृदय रोग जैसे गंभीर उपचारों का खर्च भी निर्धारित पैकेज और नियमों के अनुसार उठाया जाता है।
किन लोगों को मिल सकता है योजना का लाभ?
PM-JAY के तहत सामान्य पात्रता मुख्य रूप से सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 और योजना के निर्धारित मानदंडों पर आधारित है। इसलिए केवल कम आय होना अपने आप में पात्रता की गारंटी नहीं है। लाभार्थियों को सरकारी सूची में अपना नाम जांचना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित परिवारों और शहरी क्षेत्रों में निर्धारित व्यवसायों से जुड़े श्रमिकों को योजना में शामिल किया गया है। वर्ष 2024 में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के परिवारों को भी इसका लाभ देने का विस्तार किया गया।
70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए अलग सुविधा
आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय की परवाह किए बिना स्वास्थ्य कवर देने का प्रावधान है। इनके लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड जारी किया जाता है, जिसके जरिए सालाना ₹5 लाख तक के इलाज की सुविधा मिल सकती है।
यदि बुजुर्ग का परिवार पहले से PM-JAY का लाभार्थी है, तो वरिष्ठ सदस्य के लिए अलग से ₹5 लाख तक का अतिरिक्त कवर उपलब्ध कराया जाता है। निजी स्वास्थ्य बीमा रखने वाले वरिष्ठ नागरिक भी निर्धारित शर्तों के अनुसार इस कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
झारखंड में अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का क्या है लाभ?
झारखंड में केंद्र की आयुष्मान योजना को राज्य की मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के साथ जोड़ा गया है। केंद्र सरकार के myScheme पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पात्र परिवारों को दोनों योजनाओं के तहत कुल ₹15 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिल सकता है।
राज्य की व्यवस्था में शुरुआती ₹1 लाख तक के खर्च का भुगतान बीमा कंपनी के माध्यम से और शेष राशि का भुगतान ट्रस्ट मोड में किए जाने का प्रावधान बताया गया है। अबुआ योजना के विस्तारित लाभ के लिए झारखंड के सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज कराना जरूरी है।
कौन हो सकता है पात्र? झारखंड के निवासी, जिनके पास निर्धारित श्रेणी का गुलाबी (लाल), पीला या हरा राशन कार्ड है, योजना के लिए अपनी पात्रता जांच सकते हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत 21 गंभीर बीमारियों के इलाज की सहायता का भी प्रावधान है।
रांची सदर अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में रांची सदर अस्पताल ने देश के जिला अस्पतालों में पहला स्थान हासिल करने की उपलब्धि दर्ज की है। इसके साथ ही झारखंड में निजी अस्पतालों की ओर से बकाया बिल के नाम पर शव रोकने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ₹5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान भी लागू किया गया है।
घर बैठे कैसे बनवाएं आयुष्मान कार्ड?
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी ऑनलाइन प्रक्रिया अपना सकते हैं। इसके लिए ये कदम उठाएं:
- Google Play Store से आधिकारिक Ayushman App डाउनलोड करें या beneficiary.nha.gov.in पर जाएं।
- मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करें और OTP से सत्यापन पूरा करें।
- आधार या राशन कार्ड की मदद से लाभार्थी सूची में अपना नाम खोजें।
- नाम मिलने पर आधार आधारित ई-KYC प्रक्रिया पूरी करें।
- आवेदन स्वीकृत होने के बाद कार्ड डाउनलोड कर लें।
अपनी पात्रता की जांच के लिए mera.pmjay.gov.in का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक इसी ऐप या पोर्टल पर वय वंदना कार्ड के विकल्प से पंजीकरण कर सकते हैं।
झारखंड में अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड के लिए bis.jharkhand.gov.in पर राशन कार्ड नंबर के जरिए जानकारी या कार्ड डाउनलोड करने का विकल्प उपलब्ध है। ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी होने पर नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या सूचीबद्ध अस्पताल के आयुष्मान मित्र से सहायता ली जा सकती है।
जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, राशन कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर अपने पास रखें।
अस्पताल में कैशलेस इलाज कैसे मिलेगा?
इलाज के लिए योजना से जुड़े अस्पताल के आयुष्मान सहायता काउंटर पर कार्ड और आधार प्रस्तुत करना होगा। अस्पताल लाभार्थी की पात्रता की जांच करेगा और इलाज की मंजूरी के लिए ऑनलाइन अनुरोध भेजेगा। स्वीकृति मिलने पर निर्धारित पैकेज के अनुसार भुगतान योजना के माध्यम से किया जाता है। पात्र और स्वीकृत उपचार के लिए मरीज को अस्पताल में सीधे भुगतान नहीं करना होता।
योजना से जुड़ी जानकारी या शिकायत के लिए आयुष्मान भारत हेल्पलाइन 14555 पर संपर्क किया जा सकता है। वय वंदना कार्ड की जानकारी के लिए 1800-110-770 पर मिस्ड कॉल देने की सुविधा भी बताई गई है।
करोड़ों लोगों को मिल चुका है लाभ
उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक 48 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं, 38 हजार से ज्यादा सूचीबद्ध अस्पतालों में योजना के तहत करीब 13 करोड़ अस्पताल में भर्ती के मामलों का खर्च वहन किया गया है।
यदि परिवार के सदस्य पात्र हैं और उनका कार्ड अब तक नहीं बना है, तो सबसे पहले सरकारी पोर्टल पर नाम और पात्रता की जांच करनी चाहिए। इससे जरूरत के समय इलाज की सुविधा लेने में मदद मिल सकती है।





