झारखंड में न्यूनतम मजदूरी पर काम करने वाले श्रमिकों के वेतन में बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) जोड़कर नई मजदूरी दरें तय की हैं। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के श्रमायुक्त कार्यालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। इसके तहत श्रमिकों का पारिश्रमिक उनके कार्यकौशल और कार्यस्थल के क्षेत्र के आधार पर निर्धारित होगा।

15 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य को तीन क्षेत्रों- ए, बी और सी में बांटकर मजदूरी तय की गई है। क्षेत्र ‘ए’ में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों को अब 13,586 रुपये मासिक मिलेंगे। वहीं, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,253 रुपये, कुशल के लिए 18,782 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों के लिए 21,656 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
क्षेत्रवार नई मासिक न्यूनतम मजदूरी
| श्रमिकों की श्रेणी | क्षेत्र A | क्षेत्र B | क्षेत्र C |
|---|---|---|---|
| अकुशल | ₹13,586 | ₹12,947 | ₹12,337 |
| अर्द्धकुशल | ₹14,253 | ₹13,586 | ₹12,947 |
| कुशल | ₹18,782 | ₹17,911 | ₹17,069 |
| अतिकुशल | ₹21,656 | ₹20,669 | ₹19,682 |
क्षेत्र ‘बी’ में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 12,947 रुपये, अर्द्धकुशल की 13,586 रुपये, कुशल की 17,911 रुपये और अतिकुशल की 20,669 रुपये होगी। वहीं, क्षेत्र ‘सी’ में इन श्रेणियों के लिए क्रमशः 12,337 रुपये, 12,947 रुपये, 17,069 रुपये और 19,682 रुपये तय किए गए हैं।
अतिकुशल श्रमिकों को प्रतिदिन 833 रुपये
नई अधिसूचना में दैनिक मजदूरी की दरें भी निर्धारित की गई हैं। क्षेत्र ‘ए’ में अकुशल श्रमिकों को प्रतिदिन 523 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों को 833 रुपये मिलेंगे। क्षेत्र ‘बी’ में यह राशि क्रमशः 498 रुपये और 795 रुपये होगी। जबकि क्षेत्र ‘सी’ में अकुशल श्रमिकों के लिए 475 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों के लिए 757 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किए गए हैं।
रांची, धनबाद समेत ये शहर क्षेत्र A में शामिल
सरकार ने मजदूरी निर्धारण के लिए भौगोलिक आधार पर भी वर्गीकरण किया है। क्षेत्र ‘ए’ में रांची, चास, धनबाद, देवघर और हजारीबाग के नगर निगम क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा मानगो और आदित्यपुर के नगर निगम क्षेत्र, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र तथा जुगसलाई नगर परिषद को भी इसी श्रेणी में रखा गया है।
क्षेत्र ‘बी’ में अन्य नगरपालिका और अधिसूचित क्षेत्र आएंगे। वहीं, क्षेत्र ‘ए’ और ‘बी’ में शामिल नहीं होने वाले शेष इलाके क्षेत्र ‘सी’ के अंतर्गत रखे गए हैं। इसी वर्गीकरण के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों और संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी तय होगी।
मूल वेतन में शामिल रहेगा महंगाई भत्ता
नई मजदूरी दरों में मूल वेतन के साथ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी शामिल है। मासिक मजदूरी की गणना 26 कार्यदिवस के आधार पर की गई है। अधिसूचना के अनुसार, सभी नियोजकों और प्रतिष्ठानों को अपने यहां कार्यरत श्रमिकों को निर्धारित श्रेणी और क्षेत्र के अनुसार न्यूनतम मजदूरी देना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था से राज्य के न्यूनतम मजदूरी पाने वाले श्रमिकों के भुगतान में संशोधन होगा।









