पलामू के हुसैनाबाद में बुधवार देर रात हुई गोलीबारी की घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुरंदर बीघा में बाइक से पहुंचे हमलावरों ने ओमप्रकाश सिंह उर्फ छोटू सिंह को निशाना बनाकर गोली चला दी। घायल होने के बाद जब वह बचने के लिए भागा तो हमलावरों ने उसका पीछा किया और फिर फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल ओमप्रकाश को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, घटना के वक्त ओमप्रकाश अपनी गाड़ी सड़क किनारे रोककर किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान बाइक सवार अपराधी वहां पहुंचे और उस पर गोलियां चला दीं। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए ओमप्रकाश वहां से भागा, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर दोबारा गोली मार दी।
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उसे हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल और अस्पताल पहुंची तथा मामले की जांच शुरू की।

ह*त्या के बाद सड़क पर उतरे लोग
मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार देर रात सड़क पर विरोध जताते हुए जाम कर दिया। बाद में जाम समाप्त कर दिया गया, लेकिन गुरुवार सुबह फिर लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। आक्रोशित लोगों ने सिद्धनाथ पेट्रोल पंप के पास जपला-छतरपुर मुख्य मार्ग को बाधित कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है।
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार काम कर रही है।
मृतक पर दर्ज थे आठ आपराधिक मामले
जांच के दौरान पुलिस ओमप्रकाश सिंह के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, हुसैनाबाद थाने में उसके खिलाफ वर्ष 2018 से 2024 के बीच कुल आठ मामले दर्ज हुए थे।
इन मामलों में मारपीट, रंगदारी, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट, उत्पाद अधिनियम और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के आरोप शामिल थे। 2018 में हत्या के प्रयास, रंगदारी और हथियार से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी है। इसके अलावा अलग-अलग वर्षों में मारपीट, चोरी, छेड़छाड़, धोखाधड़ी, सरकारी काम में बाधा और हथियार से जुड़े मामले भी रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
रंजिश समेत कई एंगल पर जांच
पुलिस अब हत्या के पीछे की वास्तविक वजह पता लगाने में जुटी है। घटना के तरीके को देखते हुए पुरानी दुश्मनी और आपराधिक विवाद समेत अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ हमलावरों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
वारदात वाली जगह हुसैनाबाद विधायक के आवास के करीब बताई जा रही है, जिससे घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस का दावा है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।