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महाराष्ट्र के पुणे जिले में बिल्डर केतन अग्रवाल (31) की लोहागढ़ किले से गिराकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने अदालत में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने शनिवार को सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे के खिलाफ 5,000 से अधिक पन्नों का आरोप पत्र पेश किया।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने सिया के परिवार के कुछ सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत से चार्जशीट की प्रति मिलने और उसका अध्ययन करने के बाद ही वह इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।
सिया के परिवार पर भी जताया संदेह
विशाल अग्रवाल का कहना है कि उन्हें अब भी आशंका है कि केतन की हत्या की कथित साजिश में सिया के माता-पिता, भाई, चाचा और चाची की भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके संदेह की पुष्टि चार्जशीट में दर्ज तथ्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से ही हो सकेगी।
मीडिया में सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के बीच कथित गुप्त विवाह की खबरों का हवाला देते हुए विशाल अग्रवाल ने सवाल किया कि यदि दोनों पहले से विवाहित थे, तो सिया के परिवार ने केतन के साथ उसके रिश्ते को आगे बढ़ाने की कोशिश क्यों की।

दोषियों के लिए मांगी फांसी
केतन के पिता ने मामले में आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस मामले की सुनवाई जल्द पूरी कराने के लिए उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने का अनुरोध किया था।
इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को मामले में विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने की मांग भी सरकार के सामने रखी है। विशाल अग्रवाल के अनुसार, इन मांगों पर अभी तक सरकार की ओर से कोई अंतिम निर्णय या आधिकारिक अधिसूचना सामने नहीं आई है।
फर्जी Instagram अकाउंट से बनाया गया जाल
पुलिस की चार्जशीट में मामले से जुड़ी कथित साजिश का भी विवरण दिया गया है। आरोप पत्र के अनुसार, तीनों आरोपियों ने ‘माही’ नाम से एक फर्जी Instagram अकाउंट तैयार किया था। इसी अकाउंट के जरिए केतन को कथित तौर पर संपर्क में लाया गया और उसे 18 जून को सिया गोयल के साथ लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार किया गया।
पुलिस का आरोप है कि किले पर पहुंचने के बाद केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने सिया, चेतन और रितेश को गिरफ्तार कर लिया था।
विशाल अग्रवाल ने पुलिस की जांच पर संतोष जताते हुए कहा कि अब तक जांच सही दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि फास्ट-ट्रैक सुनवाई और विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर वह सरकार से दोबारा संपर्क करेंगे।