Tuesday, October 6, 2026
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NIMS के अफसर पर ACB का शिकंजा, 6.13 करोड़ की संपत्ति का खुलासा!

by उर्वशी शेखर
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तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। मंगलवार को ACB की अलग-अलग टीमों ने भास्कर से जुड़े सात ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इनमें उनका आवास, रिश्तेदारों के परिसर और करीबी लोगों से जुड़े स्थान शामिल थे।

जांच एजेंसी के मुताबिक, तलाशी के दौरान कई अचल संपत्तियों, लग्जरी वाहनों, सोने के आभूषण और विभिन्न वित्तीय माध्यमों में निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। ACB ने बरामद दस्तावेजों के आधार पर अब तक संपत्तियों की अनुमानित दस्तावेजी कीमत करीब 6.13 करोड़ रुपये बताई है। हालांकि, एजेंसी का कहना है कि इन संपत्तियों का वास्तविक बाजार मूल्य इससे काफी अधिक हो सकता है।

कई इलाकों में फ्लैट और जमीन के दस्तावेज मिले

56 वर्षीय भास्कर की संपत्तियों की जांच के दौरान हैदराबाद के कई प्रमुख इलाकों में फ्लैट और जमीन होने की जानकारी सामने आई है। ACB के अनुसार, कुकटपल्ली स्थित हाई राइज सोसाइटी में उनके नाम पर एक चार बेडरूम और दो तीन बेडरूम वाले फ्लैट मिले हैं।

इसके अलावा मणिकोंडा, पेट बशीराबाद और कुकटपल्ली में दो बेडरूम वाले पांच अन्य फ्लैटों का भी पता चला है। यादाद्री, नंदीगामा और समीरपेट में जमीन के प्लॉट होने की जानकारी जांच में मिली है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में करीब 800 वर्ग गज के एक प्लॉट का भी उल्लेख ACB की जांच में हुआ है।

लग्जरी कारों से लेकर दोपहिया वाहनों तक

तलाशी के दौरान भास्कर से जुड़ी कई महंगी गाड़ियों का भी पता चला। इनमें जगुआर, ऑडी और टाटा नेक्सॉन शामिल हैं। इसके साथ ही रॉयल एनफील्ड, वेस्पा, एक्टिवा और यामाहा समेत चार दोपहिया वाहन भी जांच के दायरे में आए हैं।

ACB के मुताबिक, आवास से 517.8 ग्राम सोने के आभूषण बरामद हुए हैं। करीब पांच लाख रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं।

बैंक खातों और निवेश में भी बड़ी रकम

वित्तीय लेनदेन की जांच में भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। ACB के अनुसार, भास्कर के बैंक खातों में करीब 41 लाख रुपये, पोस्ट ऑफिस में 12 लाख रुपये और निजी वित्तीय कंपनियों में लगभग 35 लाख रुपये जमा पाए गए हैं। इसके अलावा म्यूचुअल फंड में करीब 29.55 लाख रुपये के निवेश का पता चला है।

जांच एजेंसी का दावा है कि भास्कर ने अलग-अलग व्यक्तियों को लगभग 1.33 करोड़ रुपये उधार भी दे रखे हैं। वहीं, एक फ्लैट में करीब 1.30 करोड़ रुपये के निवेश का भी पता चला है। यह संपत्ति फिलहाल डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) से जुड़े विवाद में बताई जा रही है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

ACB का आरोप है कि सरकारी सेवा के दौरान भास्कर ने कथित तौर पर अपनी ज्ञात आय के मुकाबले अधिक संपत्ति अर्जित की। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धाराओं 13(1)(b) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

फिलहाल एजेंसी दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। ACB को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर और संपत्तियों या वित्तीय लेनदेन का पता चल सकता है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं और अदालत में उनका साबित होना बाकी है।

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