हैदराबाद के नामपल्ली स्थित प्रदर्शनी मैदान में गुरुवार को पारंपरिक सांस्कृतिक उत्सव ‘अलाई बलई’ का आयोजन संपन्न हुआ। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और ‘अलाई बलई’ फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृति, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया गया।
इस वर्ष उत्सव की प्रमुख विषयवस्तु ‘नशामुक्त भारत’ और ‘विकसित भारत’ रही। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और देश की एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
लोक संस्कृति और परंपराओं की दिखी झलक
उत्सव में तेलंगाना की सांस्कृतिक विरासत को लोक कलाओं और संगीत के जरिए प्रस्तुत किया गया। स्थानीय कलाकारों ने डप्पू और ओग्गू डोलू जैसी पारंपरिक शैलियों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। बथुकम्मा सहित राज्य की लोक परंपराओं ने भी कार्यक्रम में क्षेत्रीय संस्कृति के रंग बिखेरे।

आयोजन में प्रसिद्ध चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. मोहन गुप्ता, तेलंगाना बीजेपी मेडिकल विंग की उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि कंडलेकर सहित कई राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की हस्तियां शामिल हुईं।
यातायात और महिला सुरक्षा पर जागरूकता
प्रदर्शनी परिषद के सहयोग से हैदराबाद सिटी पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान यातायात नियमों और महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं। इसके साथ ही स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। आयोजन के जरिए लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों और जनहित से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामाजिक संदेशों के मेल के साथ संपन्न हुए ‘अलाई बलई’ उत्सव ने तेलंगाना की परंपराओं को मंच देने के साथ नशामुक्त समाज और विकसित भारत के संकल्प को भी प्रमुखता से सामने रखा।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट





