Home » ‘गीत चांदनी’ के 45 साल पूरे, कविताओं की महफिल में हुआ ‘गोलकोंडा दर्पण’ का विमोचन

‘गीत चांदनी’ के 45 साल पूरे, कविताओं की महफिल में हुआ ‘गोलकोंडा दर्पण’ का विमोचन

by उर्वशी शेखर
0 comments

हैदराबाद-सिकंदराबाद की साहित्यिक संस्था ‘गीत चांदनी’ ने अपनी स्थापना के 45 वर्ष पूरे होने पर रविवार को शारदोत्सव कवि गोष्ठी का आयोजन किया। मौजमजाही मार्केट स्थित आरोग्य हॉस्पिटल के कैलाश डायग्नोस्टिक केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी की मासिक पत्रिका ‘गोलकोंडा दर्पण’ के सितंबर अंक का भी लोकार्पण किया गया।

समारोह में सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं लोहिया विचार मंच, हैदराबाद के अध्यक्ष टी. गोपाल सिंह, समाजसेवी डॉ. मोहन गुप्ता, समाजसेविका शोभा दुबे, अरुण शिंदे और भाग्य नगर गणेश उत्सव समिति के पूर्व महामंत्री डॉ. भगवत राव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आशा ठाकुर की सरस्वती वंदना से हुई। हिंदीसेवी विद्या दवे श्रीमाली ने शरद पूर्णिमा के महत्व पर अपने विचार रखे।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3
Advertisement 4
Advertisement 5
Advertisement 5

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण दक्षिण भारत से प्रकाशित हिंदी मासिक पत्रिका ‘गोलकोंडा दर्पण’ के सितंबर अंक का विमोचन रहा। समाजसेवी डॉ. मोहन गुप्ता ने पत्रिका का लोकार्पण किया। इसके संपादक एवं कवि गोविंद अक्षय ने संस्था की साढ़े चार दशक की साहित्यिक यात्रा और उसकी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

वरिष्ठ गीतकार एवं संस्था के अध्यक्ष चंपालाल बैद की अध्यक्षता में आयोजित काव्य गोष्ठी में स्थानीय कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। समकालीन विषयों पर आधारित कविताओं के साथ हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन कवि गोविंद अक्षय ने किया। इस अवसर पर डॉ. महेश शर्मा भी मौजूद रहे।

टी. गोपाल सिंह ने हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार और रचनाकारों को साझा मंच उपलब्ध कराने में ‘गीत चांदनी’ के योगदान की सराहना की। समारोह के दौरान टी. गोपाल सिंह और शोभा दुबे ने अतिथियों तथा कवियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

You may also like

Leave a Comment