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सिंदरी स्थित प्रतिष्ठित BIT सिंदरी के हॉस्टल मेस में छात्रों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन के पास पहुंची शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संस्थान के विभिन्न मेस और कैफेटेरिया में अचानक जांच की। निरीक्षण के दौरान कई जगह खाद्य सुरक्षा मानकों और स्वच्छता नियमों के पालन में कमियां सामने आईं।
फूड सेफ्टी अधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में टीम ने अलग-अलग मेस में भोजन बनाने की प्रक्रिया, इस्तेमाल की जा रही सामग्री, साफ-सफाई और जरूरी लाइसेंस की स्थिति की पड़ताल की। अधिकारियों के मुताबिक, संस्थान में कुल 32 हॉस्टल हैं, जहां रहने वाले छात्रों के लिए मेस की व्यवस्था है।
कई मेस में लाइसेंस नहीं
जांच के दौरान गर्ल्स हॉस्टल की मेस और कैफेटेरिया को छोड़कर कई अन्य हॉस्टल मेस के पास आवश्यक फूड सेफ्टी लाइसेंस नहीं मिला। विभाग ने इसे नियमों के अनुपालन से जुड़ी गंभीर कमी माना है।
इसके अलावा भोजन तैयार करने वाले स्थानों पर स्वच्छता की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। कुछ मेस में गंदगी और साफ-सफाई से संबंधित कई खामियां अधिकारियों की नजर में आईं।
खाने में प्रतिबंधित रंग के इस्तेमाल का मामला
निरीक्षण में भोजन को अधिक आकर्षक दिखाने के लिए प्रतिबंधित रंग के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे छात्रों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला माना है।
डॉ. राजा कुमार ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर यह जांच की गई थी। उनके अनुसार निरीक्षण में लाइसेंस से लेकर स्वच्छता और भोजन में प्रतिबंधित रंग के इस्तेमाल तक कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं।

15 दिन में कमियां दूर करने का निर्देश
विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले मेस संचालकों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी है। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट BIT सिंदरी के निदेशक प्रो. पंकज सिन्हा को भी उपलब्ध कराई गई है।
संस्थान को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 15 दिनों की मोहलत दी गई है। इसके साथ ही मेस में काम करने वाले कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों को लेकर प्रशिक्षण देने की योजना भी बताई गई है।
निदेशक बोले: छात्रों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं
BIT सिंदरी के निदेशक प्रो. पंकज सिन्हा ने खाद्य सुरक्षा टीम के निरीक्षण की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मेस संचालकों की ओर से नियमों की अनदेखी या लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण में सामने आई इन कमियों ने संस्थान में मेस व्यवस्था की नियमित निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हॉस्टल में रहने वाले छात्र रोजाना अपने भोजन के लिए इन्हीं मेस पर निर्भर हैं। ऐसे में खाद्य लाइसेंस, स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कितनी प्रभावी ढंग से हो रही थी, यह भी अब महत्वपूर्ण सवाल बन गया है।