Tuesday, October 6, 2026
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हैदराबाद SIR : कई चर्चित चेहरों को मिला मतदाता सत्यापन नोटिस, महेश बाबू और राजामौली के भी नाम शामिल

by उर्वशी शेखर
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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर हलचल बढ़ गई है। चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया के तहत शहर की कई जानी-मानी हस्तियों को सत्यापन संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें सिनेमा, खेल और कारोबारी जगत से जुड़े कई चर्चित नाम शामिल हैं।

जिन प्रमुख लोगों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, उनमें अभिनेता महेश बाबू, फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली, पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शामिल हैं। इनके अलावा नम्रता शिरोडकर, वेंकटेश दग्गुबाती और उनकी बेटियां, सामंथा रुथ प्रभु, विजय देवरकोंडा, आनंद देवरकोंडा, मिताली राज, पुलेला गोपीचंद, मुरली कृष्ण प्रसाद दिवि और उपासना कोंडिडेला के नाम भी सूची में बताए जा रहे हैं।

नाम या पारिवारिक विवरण में अंतर बनी वजह

अधिकारियों के मुताबिक, SIR का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरणों का सत्यापन करना और रिकॉर्ड को अद्यतन रखना है। इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ मतदाताओं के नाम, माता-पिता के नाम अथवा अन्य विवरणों में अंतर सामने आया है। कुछ मामलों में मौजूदा रिकॉर्ड पुराने SIR डेटा से मेल नहीं खा पाए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजकर सत्यापन का अवसर दिया जा रहा है।

हालांकि, सभी मामलों में नोटिस जारी करने की एक जैसी वजह सामने नहीं आई है। इसलिए नोटिस मिलने को अपने आप में किसी तरह की अनियमितता या मतदाता की गलती का प्रमाण नहीं माना जा रहा है।

खुद या अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए हो सकता है सत्यापन

चुनाव अधिकारियों ने बताया है कि नोटिस पाने वाले व्यक्ति संबंधित प्रक्रिया में शामिल होकर अपने रिकॉर्ड का सत्यापन करा सकते हैं। यदि मतदाता के विवरण में कोई त्रुटि है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसमें सुधार का अनुरोध भी किया जा सकता है।

किसी कारण से संबंधित व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकता, तो वह अपनी ओर से किसी अधिकृत प्रतिनिधि को सुनवाई या सत्यापन प्रक्रिया में भेज सकता है।

नोटिस का मतलब वोट कटना नहीं

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, SIR के तहत नोटिस जारी होना इस बात का संकेत नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है या उसे मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से रिकॉर्ड की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और आवश्यक सुधार से जुड़ी है।

ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद होने वाली यह कवायद अंतिम सूची को अधिक सटीक बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए नोटिस पाने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने विवरण का सत्यापन कराएं और किसी भी त्रुटि की स्थिति में समय रहते सुधार का दावा पेश करें।

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