चतरा अनुमंडल कार्यालय में गुरुवार को एसीबी की कार्रवाई के बाद करीब आधे घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हजारीबाग एसीबी की टीम ने सहायक प्रशासी अधिकारी बासुदेव राम को कथित तौर पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कार्यालय के एक कमरे में रखकर पूछताछ किए जाने पर कर्मचारियों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
मामला हंटरगंज थाना क्षेत्र के बेला गांव निवासी बिलास यादव से जुड़ा बताया जा रहा है। एसीबी हजारीबाग के एसपी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बिलास यादव का भूमि विवाद अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में विचाराधीन था। मामले में फैसला उनके पक्ष में आने के बाद आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने के बदले सहायक प्रशासी अधिकारी पर 15 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा।
शिकायत के बाद एसीबी ने की कार्रवाई
रिश्वत की मांग से परेशान आवेदक ने मामले की शिकायत एसीबी से की। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने आरोपी को पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना बनाई।
बताया गया कि तय कार्रवाई के दौरान टीम ने बासुदेव राम को उनके कार्यालय कक्ष से कथित तौर पर 15 हजार रुपये लेते पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने कमरे में पूछताछ शुरू की और प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
पूछताछ के तरीके पर कर्मचारियों का विरोध
कार्रवाई के दौरान विवाद तब बढ़ा, जब अनुमंडल कार्यालय के कर्मचारियों ने कमरे के भीतर पूछताछ किए जाने पर सवाल उठाया। कर्मचारियों के विरोध के बाद एसीबी अधिकारियों और कर्मियों के बीच बहस होने लगी। देखते ही देखते स्थिति हंगामे में बदल गई और काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
कुछ कर्मचारियों ने एसीबी टीम पर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की करने के आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि टीम के साथ एक बाहरी युवक भी कमरे में मौजूद था। कर्मचारियों ने उस युवक की भूमिका को लेकर भी अधिकारियों से सवाल किए।
हालांकि, कर्मचारियों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। एसीबी की ओर से की गई कार्रवाई रिश्वत संबंधी शिकायत के सत्यापन के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई बताई गई है।

दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी को हजारीबाग ले गई टीम
बाद में एसीबी टीम ने कमरे का दरवाजा खोला और अनुमंडल कार्यालय में मामले से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। टीम ने जरूरी कागजात और अन्य साक्ष्य जुटाने के बाद गिरफ्तार बासुदेव राम को अपने साथ हजारीबाग रवाना कर दिया।
आगे की कानूनी प्रक्रिया हजारीबाग में पूरी की जाएगी। इसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया अपनाए जाने की जानकारी दी गई है।
एसीबी की गिरफ्तारी और इसके बाद कर्मचारियों के विरोध के कारण अनुमंडल कार्यालय में काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण रहा। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद लोगों के बीच भी पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा होती रही।