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SIR पर रोक की मांग को लेकर प्रदर्शन, चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़े आंदोलनकारी; कई हिरासत में

by उर्वशी शेखर
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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में दिल्ली में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रशासन ने संबंधित इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी।

यह मार्च ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ की दिल्ली समन्वय समिति के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें छात्र, युवा, किसान और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। क्रांतिकारी युवा संगठन और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। दिल्ली के अलावा हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा था।

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मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। साथ ही SIR की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की अपील की। डाकघर के पास कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग के चौराहे से शुरू हुआ मार्च चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने जब आगे बढ़ने से रोका, तो प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए।

प्रदर्शन में माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य भी मौजूद रहे। आयोजकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बताया। AISA ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रदर्शन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि संगठन मतदान के अधिकार और उसके समर्थन में आवाज उठाने की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह आंदोलन केवल विरोध दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा और सार्वजनिक विरोध के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग से भी जुड़ा है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के तहत जन संसद का आयोजन भी किया गया।

इस बीच, ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ ने देशभर में आंदोलन को विस्तार देने के लिए एक वेबसाइट शुरू की है। संगठन के मुताबिक, इसके माध्यम से विभिन्न शहरों में प्रस्तावित विरोध कार्यक्रमों की जानकारी साझा की जा रही है।

अभियान से जुड़े समूहों ने 18 राज्यों के 88 शहरों में प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें 145 संगठनों के शामिल होने का दावा किया गया है। अभियान के तहत एक नवंबर तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भी तैनाती की गई।

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