झारखंड संयुक्त सिविल सेवा (JPSC) में कथित गड़बड़ी और धांधली की CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। मामले की सुनवाई कर रही पीठ से जस्टिस वी. मोहना अलग हो गए हैं। इसके बाद पीठ में बदलाव की संभावना है।
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई 28 सितंबर को हुई थी। तब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकान्त की अध्यक्षता वाली पीठ ने झारखंड सरकार और JPSC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हालांकि, अदालत के निर्देश के बाद भी राज्य सरकार की ओर से अब तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने दाखिल की है याचिका
यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से दायर की गई है। याचिका में JPSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराने की मांग की गई है।
मामले में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से दो हस्तक्षेप याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं। अब जस्टिस वी. मोहना के अलग होने के बाद नई पीठ के गठन का रास्ता साफ हो सकता है। 5 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में पीठ के गठन और राज्य सरकार के जवाब समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर आगे की कार्यवाही होगी।