झारखंड में रक्त की जरूरत वाले मरीजों और उनके परिजनों को अब ब्लड बैंक से अस्पताल तक भटकने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार जल्द ही ऐसी केंद्रीकृत व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसके तहत जरूरत की सूचना मिलने के बाद अधिकतम चार घंटे के भीतर संबंधित मरीज तक रक्त पहुंचाने की व्यवस्था होगी। सरकार ने इस पूरी प्रणाली को अगले 90 दिनों में राज्यभर में लागू करने का लक्ष्य तय किया है।
इस दिशा में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग और एमएस साइंस (MS Science) के बीच समझौता हुआ। एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह और एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा मौजूद रहे।

रांची से होगी पूरे राज्य की निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के मुताबिक, प्रस्तावित सिस्टम के जरिए रक्त की उपलब्धता और आपूर्ति को डिजिटल तरीके से संचालित किया जाएगा। इसके लिए रांची में अत्याधुनिक केंद्रीय कमांड सेंटर तैयार किया जाएगा। मरीजों की ओर से रक्त की मांग दर्ज कराने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
नई व्यवस्था में रक्त जुटाने से लेकर उसकी जांच, सुरक्षित भंडारण और अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया को एक ही सिस्टम से जोड़ा जाएगा। एमएस साइंस को इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच पूरी किए बिना किसी भी मरीज को रक्त उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।

ब्लड डोनेशन कैंप भी एजेंसी की जिम्मेदारी
एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि एजेंसी जरूरत के मुताबिक रक्तदान शिविरों का आयोजन करेगी और इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन भी उपलब्ध कराएगी। सरकार की ओर से एजेंसी को प्रति यूनिट रक्त के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने ग्रामीण इलाकों में रक्त संग्रह की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। रक्तदान को बढ़ावा देने में NCC, NSS, पुलिस बल और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है।
रक्तदान शिविरों में आने वाले रक्तदाताओं के लिए आवश्यक जलपान और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी संबंधित एजेंसी द्वारा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य तकनीक, केंद्रीकृत निगरानी और व्यापक रक्तदान नेटवर्क के जरिए जरूरतमंद मरीजों तक सुरक्षित रक्त की उपलब्धता को तेज और व्यवस्थित बनाना है।